रोटी इन त्यौहारो पर कदापि ना बनाएं घर पर, जानियें क्यों है निषेध
मृत्यु होने पर
हम सभी जानते है कि घर में जब किसी की मृत्यु होती है तो ऐसे समय पर रोटी सेंकना अच्छा नहीं माना जाता है। शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि तेरहवीं से पहले रोटी बनाने से मृत इंसान के सूक्ष्म शरीर पर फफोले पड़ जाते हैं। इसलिए जब तक मृत व्यक्ति की तेरहवीं नहीं होती तक तक घर में रोटियां नहीं सेंकना चाहिए। जिसकी आप लोगो से जानकारी ले सकते है।
नागपंचमी
नागपंचमी त्यौहार के दिन भारत के कई जगह ऐसी हैं जहां पर रोटी बनाने के लिए तवा नहीं चढ़ता है। इसी तरह शास्त्रों के अनुसार भी नागपंचमी के दिन रोटी बनाने की मनाही है। ऐसा कहते हैं कि तवा नाग के फन का प्रतिरूप होता है। इसलिए इस दिन आंच पर तवा रखने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन खीर, पूड़ी और हलवा जैसी चीजें बनाकर खाना चाहिए। जहां इस दिन कच्चे खाने का सेवन नहीं किया जाता।
शीतलाष्टमी का त्यौहार
शीतलाष्टमी के दिन शीतला माता को बासी खाने का भोग लगाया जाता है और वही बासी खाना उस दिन खाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्योदय से पहले शीतला माता की पूजा कर उन्हें बासी खाने का भोग लगाते हैं और फिर उस दिन ताजा भोजन हीं बनाया जाता है। माता का प्रसाद यानी बासी भोजन ही ग्रहण किया जाता है। जिसका खाने का अपना अलग ही स्वाद होता है।


