भारत के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री थे अरुण जेटली इन 4 क्रांतिकारी बदलावों से
भारत के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री को लेकर प्रणब मुख़र्जी , मनमोहन सिंह , मोरारजी देसाई , यशवंत सिन्हा जैसे दिग्गजों का नाम तो आता है लेकिन किसी तरह के क्रांतकारी बदलावों को लेकर निष्पक्षीय तुलना की जाएगी तो निश्चित तौर पर दक्षिणपंथी राजीनीति में जुड़े स्वर्गीय अरुण जेटली जी का नाम सबसे ऊपर रहा है और रहेगा।
2014 में संघ के समर्थित और महान अर्थशाष्त्री डॉ सुब्रमण्यम स्वामी की जगह जब दिग्गज विधि विद अरुण जेटली को जब वित्त मंत्री का पद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौंपा तो विशेषज्ञ दो धड़ो में बंट गए। एक धड़े का मत था कि यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित होगा तो वहीँ दूसरे धड़े का विरोधी पक्ष था यह एक ऐतिहासिक भूल जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्ग होना तय है।
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अरुण जेटली जी ने वित्त मंत्री का पद संभाला भी और पद की शपथ के अनुरूप सभी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाया भी। आइये नज़र डाले बतौर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने क्या क्रांतिकारी बदलाव कर देश की अर्थव्यवस्था को विश्व में सबसे मज़बूत और गौरवशाली बनाया।
अरुण जेटली जी हम सबके बीच नहीं रहे !
जीएसटी रहा भारत के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री अरुण जी की उपज
जीएसटी के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को वित्त मंत्री के रूप में स्वर्गीय अरुण जेटली की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाएगा।सभी राज्यों को समन्वय सूत्र के तहत एकल-राष्ट्र कर व्यवस्था के बारे में आश्वस्त करना एक असाधारण उपलब्धि थी और उन्होंने यह बखूबी किया।
इंसोल्वेंसी & बैंक्रप्सी कोड (IBC)
तकनीकी रूप से देखा जाए तो IBCसमग्र प्रभाव में GST की तुलना में अधिक शक्तिशाली वित्तीय कानून के रूप में देखा जाता है। IBC के माध्यम से, अरुण जेटली ने दिवालिया होने से निपटने के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित ढांचा तैयार किया और 2019 में IBC के माध्यम से 70,000 करोड़ रुपये की वसूली की गई जो कि एक ऐतिहासिक और अपेक्षा से भी ऊपर कानूनी कामयाबी है।
बैंक समेकन

भारत के सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी योजना के तहत भारत में कुछ सबसे बड़े बैंकिंग समेकन हुए जैसे – देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया, इस बीच, 5 सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक का एसबीआई में विलय हो गया।
किसी अन्य वित्त मंत्री ने भी सरकार के इस तरह के बड़े पैमाने पर समेकन के बारे में सोचने की हिम्मत नहीं की और यह एक असाधारण निर्णय था जिसने सरकार को खरबों रुपये बचाने में मदद की।
फ्रैगाइल फाइव से फैबुलस फाइव तक पहुँचाया
जब अरुण जेटली भारत के वित्त मंत्री बने तो उन्हें एक कमजोर अर्थव्यवस्था विरासत में मिली, भारत लिए फ्रैगाइल फाइव ग्रुप ऑफ नेशंस में गिना जाता था।उनके त्रुटिहीन नेतृत्व के तहत भारत फैबुलस फाइव में पहुँच गया।
इंडिया अलाइव की तरफ से देश के सपूत अरुण जेटली जी को शत-शत नमन !

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

