कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर से शुरू किया खोजो और मारो अभियान
जम्मू कश्मीर में जब से केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 समाप्त किया है तब से लेकर आतंकवादियों को सुरक्षाबलों पर हमला करने का और कश्मीर के अंदर जन विद्रोह भड़काने का बहुत ज्यादा अवसर नहीं मिला। उसका कारण यह था कि केंद्र सरकार ने कश्मीर में सभी तरह के संचार माध्यमों पर रोक लगा रखी थी। कुछ समय नहीं कश्मीर में बीडीसी के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक यह सूचना मिली है कि इस चुनाव में खलल डालने के लिए काफी संख्या में आतंकवादी सीमा पार से कश्मीर में प्रवेश कर चुके हैं।
पहले भी सुरक्षाबलों ने यह अनुमान लगाया था कि पाकिस्तान किसी भी कीमत पर आतंकवादियों को कश्मीर में प्रवेश करवाना चाहता है। ऐसे में अब जम्मू कश्मीर की पुलिस सेना और सीआरपीएफ के जवान मिलकर खोजो और अभियान चलाएंगे।
खोजो और मारो अभियान के तहत आतंकवादियों का किया जाएगा सफाया
दरअसल 4 दिनों पहले ही पलट के आधार पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक की थी। जिसके बाद उस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आतंकियों के सफाए के लिए एक बार फिर से सेना द्वारा अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए जम्मू कश्मीर में आतंकियों के प्रभाव वाले इलाकों को अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है और अब इन इलाकों में सेना द्वारा खोजो और मारो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मंगलवार को चार आतंकवादी मारे गए जो कि अपनी बैठक करने के लिए वहां पर आए हुए थे और सेना की घेराबंदी का शिकार हो गए।
पाकिस्तान रच रहा है साजिश
सेना की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की सहायता से जैश और लश्कर के दो दस्ते घाटी के अंदर प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे में सेना का यह संयुक्त अभियान जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों का सफाया करने के लिए चलाया जाएगा। पाकिस्तान लगातार भारत के अंदर आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए साजिशें रच रहा है।
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