इस तरह दी शहीद पति को श्रद्धांजलि, अब आर्मी में लेफ्टिनेंट बन कर करेंगी देश सेवा
दोस्तों, अगर चाहा लो तो हर मंजिल है आसान| ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गौरी महाडिक ने| गौरी महाडिक, जिनके पति प्रसाद महाडिक 30 दिसंबर 2017 को भारत-चीन बॉर्डर के पास अरुणाचल प्रदेश के तवांग में उग्रवादियों के साथ हुई गोलाबारी में शहीद हो गए थे| दिसंबर में गौरी और मेजर प्रसाद की शादी को मात्र 2 साल हुए थे| मेजर प्रसाद के शहीद हो जाने के 10 दिन बाद गौरी ने आर्मी में जाने की ठान ली और वह जी-जान से इसकी तैयारी में जुट गई|

पेशे से कंपनी सेक्रेट्री गौरी ने अपने पति को श्रद्धांजलि देने के लिए आर्मी में जाना तय किया| उन्होंने परीक्षा की तैयारी की और ना सिर्फ एसएसबी का एग्जाम क्लियर किया बल्कि इस परीक्षा में टॉप भी किया| अब वह अपने पति की यूनिफार्म पहनकर देश-सेवा के लिए हाजिर है| गौरी के अनुसार मेजर प्रसाद उनको देश की सेवा करते हुए देख बहुत खुश होते और देश की सेवा करने में,उन्हें, जो खुशी मिलेगी वह सारी खुशियों से परे है|
गौरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालते हुए बताया है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें भी वही चेस्ट नंबर मिला है जो उनके पति को मिला था| बताते चलें कि गौरी इस समय ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं और अगले साल से इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट का पद संभालेंगी| गौरी इस बात को संयोग मानती हैं कि उनकी ट्रेनिंग भी वहीं हो रही है, जहां उनके पति को देश सेवा के लिए तैयार किया गया था| दोस्तों, गौरी महाडिक की जिंदगी हमें ना सिर्फ प्रेरणा देती है बल्कि हमें लक्ष्य बनाकर उसे हासिल करने की सीख भी देती है
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