इलाहाबाद में कुंभ मेले के लिए सरकार देगी ₹15000 करोड़
कुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर कुंभ मेले की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसमें अपना रुचि जताया है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगभग 2 दिनों तक इलाहाबाद में रहकर विकास कार्यों के स्थल का निरीक्षण किया और वहां के संतों से भी मुलाकात की ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कुंभ मेले से जुड़े विकास कार्य को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई है जो कि 30 नवंबर है । गौरतलब है कि लगभग 15000 करोड रुपए की लागत से 450 कार्यों को पूरा करने के बाद दिसंबर के पहले सप्ताह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण भी करेंगे । इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण पत्र भी भेजा जा चुका है ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य ने बताया कि इस बार लगने वाला कुंभ मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया के सपने को साकार करता हुआ दिखेगा । उन्होंने बताया कि कुंभ मेला एक ऐसा मेला है जो दुनिया और देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन के लिए माना जाता है । उन्होंने बताया कि इस बार की कुंभ के मेले में भारत की समृद्धि समरसता स्वच्छता का ही बोलबाला होगा जिसकी वजह से भारत का स्वच्छता के प्रति लगाव , अपने धर्म के प्रति लगाव का संदेश पूरी देश और दुनिया तक फैलेगा ।
योगी आदित्यनाथ बताया कि कुंभ मेला से जुड़े हुए सारे कार्य लगभग 30 नवंबर तक पूर्ण कर दिए जाएंगे । उसकी डेड लाइन पहले 15 नंवबर थी । जिसे बढ़ाकर के 30 नवंबर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरस्वती कूप, भारद्वाज आश्रम, अक्षयवट, प्राचीन वेणी माधव मंदिर में श्रद्धालुओं को पूजन करने की व्यवस्था हो रही है । उन्होंने बताया कि आने वाले भविष्य में प्रयागराज की परंपरा से जुड़ा हुआ एक म्यूजियम भी बनेगा ।
योगी आदित्यनाथ के इस कार्यक्रम को लेकर विपक्ष निशाना भी साधा उन्होंने कहा कि कुंभ मेला हर बार लगता है लेकिन सरकार को विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए । एक तरफ सरकार उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी को बढ़ा रही है और उसी तरफ सरकारी पैसे को अनावश्यक खर्च कर रही है । सरकार को यह पैसा देश के युवाओं को नौकरी देने के लिए खर्च करना चाहिए ।

