अपराध पर हिन्दू विरोधी राजनीति का षड्यंत्र
कांग्रेसी ओर मीडिया का एक वर्ग जम्मू में एक बालिका का साथ हुए जघन्य अपराध का मुद्दा उठा रहा है। उठाना भी चाहिए क्योंकि ऐसे हादसे मानवता के ऊपर ही कलंक है। जिन्होंने भी ये कृत्य किया है उन्हें फाँसी की सजा होना चाहिए।
लेकिन क्या इसमे हिन्दू,राष्ट्रवाद,बीजेपी आदि को घसीटना उचित है?
अपराध अपराध होता है चाहे किसी भी धर्म वाले इंसान के साथ हो चाहे किसी भी पार्टी की सरकार के राज्य में हो।
लेकिन मीडिया का एक छोटी मानसिकता वाला वर्ग और विपक्ष अब हर अपराध को भी धर्म एवं पार्टी की नजरिये से देखता है,जबकि बाकी समय तो वे संविधान की बात करते है कि भाजपा संविधान से छेड़छाड़ कर रही है परंतु असली छेड़छाड़ वो मीडिया के कुछ दलाल लोग एवं काँग्रेस कर रही है।
हमारे देश का संविधान “रंग,पंथ,सम्प्रदाय,भेष,जाती,लिंग आदि दरकिनार करते हुए समानता” की बात करता है तो आखिर ये संविधान का चोला ओढ़ने वाले फिर अपराध की धर्म के चश्मे से जोड़ कर क्या संविधान की मूल भावना को ही दरकिनार नही कर रहे??
जब जम्मू कश्मीर में एक मुस्लिम बालिका का साथ बलात्कार की वीभत्स घटना सामने आई उसी समय अन्य राज्यो से मुस्लिम लोगो द्वारा हिन्दू बालिकाओ से भी बलात्कार की घटना सामने आई लेकिन मीडिया का दलाल वर्ग एक ही घटना कको हाईलाइट कर के ओर उसे धार्मिक रंग देकर समाज को क्यों बाँट रहा है?
पहले मीडिया और कांग्रेस समाज और अपराध को धार्मिक आधार पर बांटते है फिर बोलते है कि बीजेपी देश को बांटने का कार्य करती है….यही तो दोगलापन देश को पीछे ले जा रहा है।
वैसे कल प्रियंका गांधी वाड्रा ओर राहुल गाँधी दिल्ली की सड़कों पर उस बालिका के समर्थन में उतरे…..
लेकिन कांग्रेस ये बतायेगी की UP की एक सुकन्या के पक्ष में कभी कोई सड़को पर उतरा?
यही राहुल गाँधी UP में बलात्कार के आरोपी गायत्री प्रजापति का समर्थन करते है तब कांग्रेस और मीडिया का बेटी बचाओ के प्रति प्रेम कहाँ चला जाता है?
वैसे भी कांग्रेस का महिला प्रेम तो उसके नेताओ में शुरू से दिखता है,चाहे नेहरू हो,हरयाणा के सुरजेवाला के पिताजी हो,अभिषेक मनु सिंघवी हो,कर्नाटक के सिद्धरमैया हो,या राहुल गांधी की गुप्त विदेश की बैडरूम वाली यात्राएं हो।
वैसे भी बीजेपी के ऊपर सवाल उठाने वाली मीडिया और कांग्रेस को बता दे कि बलात्कार पर फाँसी की सजा देने वाले कानून बीजेपी के राज्यो ने ही बनाये है,कांग्रेस तो निर्भया फण्ड का भी पैसा इस्तेमाल नही कर पाई थी।
बीजेपी की ही सरकार में आज महिलाओ को ऊँचा सम्मान मिला है,आज देश की कैबिनेट में महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं है।
शायद विपक्ष ओर मीडिया एक योजना के तहत ये सब कार्य कर रहा है,उदाहरण के लिए बीजेपी ने दलितों के लिए सबसे अधिक कार्य किये तो बीजेपी को दलित विरोधी बताने की साजिश रची गयी,
महिलाओं के लिए कई योजनाएं लाये एवं उन्हें सम्मान दिया,उज्ज्वला जैसी योजनाओं से उनका जीवन उज्ज्वल किया इसलिए अब चीन और पाकिस्तान के पैसे पर बीजेपी को महिलाविरोधी बताने की साजिश रची जा रही है।
✍? Sourabh Bhandari

