सीमा पर सुरंग विफल होने के बाद पैराशूट के जरिये आ सकते हैं आतंकी
जम्मू-कश्मीर में जल और थल से प्रवेश न कर पा रहे आतंकी अगर हवाई मार्ग से भी आने की कोशिश करते हैं तो भी उन्हें मौत ही मिलेगी। भारतीय वायुसेना ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है। सुरंग के जरिये आतंकी भेजने की साजिशें नाकाम होने के बाद हवाई मार्ग से आतंकियों की घुसपैठ की आशंका है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि सीमा पार से आतंकियों को पैराशूट के जरिये एयर ड्रॉप करने की कोशिश हो सकती है।
दुश्मन हताश है। पांच वर्षो में जम्मू संभाग में सीमा पर सुरंग खोदकर आतंकियों को इस ओर भेजने की सात साजिशें विफल हुई हैं। ऐसे में कोई विकल्प तलाशने की साजिश बड़ी बात रही है। आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने के संयुक्तअभियान में इस आशंका पर भी कई बार चर्चा हो चुकी है।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, राज्य में हवाई सीमाओं के उल्लंघन को रोकने के साथ ऐसी अन्य चुनौतियों का सामना करने की वायुसेना की पूरी तैयारी है। वायुसेना के हेलीकाप्टर रात के समय भी उड़ानें भर कर सीमांत क्षेत्रों पर पैनी नजर रखते हैं।
खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकवाद का स्वरूप बदल रहा है। विश्व में कई बड़े आतंकी हमलों में हवाई मार्ग का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

