वास्तु के अनुसार घर में इतनी होनी चाहिए साढ़ियो की, जानिये इसके बारे में
इस दिशा में होनी चाहिए सीढ़ी
दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य कोण को सीढ़ियों की दिशा माना जाता है। बेसमेंट के लिए सीढ़ियां होनी चाहिए पूर्व, उत्तर या ईशान कोण में। भूतल की छत पर या पहली मंजिल पर जाने के लिए सीढि़यां उत्तर-पूर्व या ईशान कोण में नहीं बनाएं। उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में सीढ़ियों का निर्माण नहीं करना चाहिए। इससे आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य की हानि, नौकरी एवं व्यवसाय में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दिशा में सीढ़ी का होना अवनति का प्रतीक माना गया है। दक्षिण-पूर्व मतलब आग्नेय में सीढ़ियों के होने से बच्चों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
ये होनी चाहिए संख्या
सीढ़ियां हमेशा विषम संख्या में हों। जैसे- 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 23, 29 आदि संख्या में हो। आम तौर पर घर में 17 सीढ़ियां शुभ मानी जाती हैं।
खास बात
सीढ़ियां कई प्रकार की होती है। जैसे- लकड़ी, पत्थर, सीमेंट या लोहे की। सीढ़ियां खासकर पत्थर या लकड़ी की होना चाहिए। सीढ़ियों की बनावट ऐसी हो कि चढ़ने में परेशानी ना हो। वृद्ध या कमजोर भी आसानी से चढ़-उतर सकें। सीढ़ियों का प्रत्येक पायदान बराबर होना चाहिए। सीढ़ियों के किनारे टूटे-फूटे नहीं होने चाहिए। ध्यान रहे कि लोहे या धातु के फ्रेम कभी सीढ़ियों में नहीं लगाने चाहिए।

