छठ पूजा में आज दिया जाएगा डूबते सूर्य को अर्घ, आज है तीसरा दिन
जैसा कि हम सभी जानते है कि छठ पूजा को लोक आस्था का महापर्व छठ शुक्रवार को पहले दिन नहाय खाय के साथ शुरू हो गया है। बता दें कि छठ के लिए घरों व पूजा घाट की सफाई कर सजाया गया है। जहां आधुनिक सुख-सुविधाओं के बावजूद छठ को परंपरागत तरीके से मनाने की परंपरा अद्भुत मानी गई है। छठ मइया के उत्साहित भक्तों ने पूजन सामग्री की खरीदारी शुरू कर दी है। आज शाम वाला छठ है और 31 को सुबह वाला छठ है।
इसलिए कहा जाता है आस्था का पर्व
क्या आपको ये पता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से छठ पूजा को आस्था का पर्व कहा जाता है। जिसमें सूर्य देव की उपासना की जाती है। महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। कार्तिक मास की षष्ठी तिथि यानी छठे दिन मनाये जाने के कारण इसे छठ पर्व के नाम से कहा जाता है।
अनेक प्रकार के होते है रीति रिवाज
हालांकि, चार दिनों में अनेक प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और रीति-रिवाज होते हैं। जिसमें डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा 2022 की तिथियां इस प्रकार हैं। पहला दिन नहाय-खाय 28 अक्टूबर 2022, दूसरा दिन खरना 29 अक्टूबर 2022, तीसरा दिन संध्या अर्घ्य 30 अक्टूबर 2022, चौथा दिन उषा अर्घ्य 31 अक्टूबर 2022 को होगा।
36 घटे का होता है व्रत
जानकारी के लिए बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना पूजा होती है। इसमें दिनभर व्रत रखने के बाद व्रती रात को पूजा करते हैं और उसके बाद गुड़ से बनी खीर खाते हैं। जिसके बाद से ही 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। तब जाकर व्रत पूर्ण होता है।

