निर्भया के आरोपियों कि सुप्रीम कोर्ट ने तय की नई फांसी की तारीख
पिछले कई वर्षों से चले आ रहे निर्भया केस में कल एक और नया मोड़ देखने को मिला, बता दें की ताजा सुनवाई में कल सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से सभी चारों दोषियों को फांसी की नई तारीख दे दी है। यह तीसरी बार है जब इन दोषियों को फांसी की तारीख मिली है। सोमवार को उच्चतम न्यायालय की तरफ से बताया गया कि वह निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में फांसी की अगली तारीख 3 मार्च को सुबह 6 बज रखी है।
2012 Delhi gang-rape case: Delhi court has issued a fresh date for execution of death warrant against all the four convicts. Convicts to be executed on March 3 at 6 am. https://t.co/lUI3flqwzU
— ANI (@ANI) February 17, 2020
अदालत की तरफ से यह भी बताया गया कि यह तारीख इसलिए दी गयी है ताकि चौथे आरोपी के पास अभी भी दया याचिका का मौका है और अगले 14 दिनों में वो इनका इस्तेमाल कर सकता है ताकि उसपर सुनवाई हो सके और दुबारा से फांसी की तारीख को टालना ना पड़े। अदालत के इस फैसले से निर्भया की माँ उतनी खुश तो नहीं है मगर उनका कहना है की सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वो सम्मान करती है और उन्हें उस दिन का बहुत ही बेसब्री से इन्तजार है जब उनकी बेटी के सभी आरोपी फांसी के फंदे पर लटकेंगे।
ऐसा हुआ तो फिर टल सकती है फांसी
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इससे पहले ठीक 2 बजे शुरू हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि 3 दोषियों अक्षय, विनय और मुकेश की दया याचिका खारिज हो चुकी है। मगर चौथे दोषी पवन ने अब तक न ही सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाला है न ही राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है। हाल ही में अदालत ने उसे वकील उपलब्ध कराया है, जिसने आज की सुनवाई में पटियाला हाउस कोर्ट में बताया कि पवन अपने दोनों कानूनी विकल्प इस्तेमाल करना चाहता है। अब अगर पवन क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका डालता है तो उसकी सुनवाई के लिए समय चाहिए होगा। दिल्ली जेल नियम के अनुसार दोषी की दया याचिका खारिज हो जाने के बाद भी उसे 14 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में तीन मार्च को फांसी होना मुश्किल है।

