नागरिकता कानून पर शाह के बोल-केजरीवाल व राहुल ने जनता को किया गुमराह
जब से संसद में नागरिकता संशोधन कानून पास हुआ है तभी से इसको लेकर विरोध व आंदोलन खूब बढ़ गया है। इस कानून को लेकर सबसे पहले तो विपक्ष पार्टियां विरोध कर रही थीं इसके बाद जनता भी इसमें शामिल हो गई और देखते ही देखते यह विरोध एक उग्र आंदोलन के रूप में कब तबदील हो गया किसी को भी पता नहीं चला। वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से इस कानून के समर्थन में लोगों को जागरूक करने की कवायद शुरू हो गई है। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नागरिकता कानून को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

हालांकि इस बारे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार यानि की आज दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में हजारों बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर केजरीवाल, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने जनता को गुमराह किया और दंगे करवाने का काम किया है। यही नहीं इसके अलावा उन्होंने कहा, 1984 में सिखों का नरसंहार हुआ। कई सिख भाई-बहनों का कत्लेआम कर दिया। कांग्रेस की सरकारें उनके घावों पर मरहम नहीं लगाती थी। मोदी सरकार ने हर पीड़ित को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया और जो दोषी थे उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डालने का काम किया।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जनता से ये चाहती है सरकार
अमित शाह का कहना है कि इस कानून को अभी हाल में ही पीएम मोदी लेकर आए है जिसे सर्वसम्मति से संसद में पारित किया गया और फिर राष्ट्रपति की स्वीकृति भी मिली। लेकिन अब इस पर केजरीवाल, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने विशेषकर जनता को गुमराह किया और दंगे करवाने का काम किया है।
नागरिकता संशोधन कानून पर सपा नेता ने दिया ऐसा बयान, विरोध करने वालों को सरकार देगी पेंशन
उन्होंने कहा, मैं दिल्ली की जनता से पूछना चाहता हूं-क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं जो दिल्ली में दंगे करवाए? इतना ही नहीं शाह ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी जी नागरिकता संशोधन कानून लाए तो कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने इसका भी विरोध किया।

