नागरिकता संशोधन कानून पर सपा नेता ने दिया ऐसा बयान, विरोध करने वालों को सरकार देगी पेंशन
पिछले काफी समय से देश भर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में जो विरोध हो रहा है उसे लेकर अभी भी कई सारे नेता मंत्रियों का बयान आ रहा है। आपको बता दें कि इस एक मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार पर हर तरफ से निशाना साध रही है। लगातार एक के बाद एक बयानबाजी चल रहे हैं, विपक्ष एक के बाद एक बयान जारी कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले को असंवैधानिक बता रहा है।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सपा नेता ने दिया ये बयान
आपको बता दें कि इस बीच यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने एक अजीबोगरीब बयान दिया है। आपको बताते चलें कि रामगोविंद चौधरी ने नागरिकता आंदोलन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनकी सरकार आने पर विरोध कर रहे लोगों को पेंशन दिया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सपा का सत्याग्रह तबतक जारी रहेगा जब तक बीजेपी सरकार इसे वापस नहीं लेती।

आपको बताते चलें कि एक तरफ जहां कांग्रेस विरोध कर रही है वहीं उसके साथ ही सभी विपक्षी पार्टियां कानून का विरोध कर रही है तो वहीं केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लोगों को इस कानून को समझाने का प्रयास कर रही है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुंबई में रेल मंत्री पीयूष गोयल लोगों को नागरिकता कानून को समझाने में जुट गए हैं।
इतना ही नहीं केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि शायद विपक्ष इस मुद्दे पर कंफ्यूज है या फिर वह जानकर जनता को गुमराह कर रही है। हम अगले 10 दिनो में 3 करोड़ जनता से मिलकर उन्हें नागरिकता संशोधन कानून के बारे में जागरूक करेंगे। इसके अलावा उन्होने कहा कि सन 1951 में ये तेय हुआ था कि जो माइनॉरिटी भारत आए हैं उनका ध्यान भारत करेगा। कांग्रेस इस विभाजन के लिए ज़िम्मेदार है। सत्ता के लालच में उन्होंने देश का विभाजन किया। पाकिस्तान में जो 23 प्रतिशत माइनॉरिटी थी वो आज 3 प्रतिशत तक सिमट के रह गया है।
आपको बता दें कि आखिर ये लोग गए कहां? ये बड़ा दुर्भाग्य है। इनको शरण देने हमारी जिम्मेदारी है। हालांकि रेल मंत्री ने आगे यह भी कह दिया कि भारत में आए शरणार्थियों के पास आज अपनी कोई पहचान नही है। हमारी सरकार उन्हें पहचान देना चाहती है।

