आखिर क्या है नया नागरिकता कानून, इसके लागू होने से किसके लिए क्या बदल गया
अभी हमारे देश में हर तरफ एक विषय ऐसा है जो चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे कि तमाम विरोधों के बावजूद नागरिकता संशोधन बिल अब कानून बन गया है। सबसे पहले यह बिल लोकसभा में और फिर जाकर राज्यसभा से पास हुआ जिसके बाद अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून के रूप में लागू हो गया है। ये बात भी सच है कि इस नए नागरिकता कानून को लेकर शुरू दिन से विरोध चल रहा है और अभी भी यह विरोध शांत नहीं हुआ है। खासकर पूर्वोतर राज्यों में इसे लेकर हंगामा ज्यादा मचा हुआ है।
अब खास बात तो यह है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए हुए हिंदू-जैन-बौद्ध-सिख-ईसाई-पारसी शरणार्थी आसानी से भारत की नागरिकता हासिल कर पाएंगे। जब सदन में यह बिल प्रस्तुल किया गया तो इसपर घंटों तक काफी बहस हुई जिसके बाद केंद्र सरकार के पास बहुमत था लेकिन राज्यसभा में बहुमत ना होने के बावजूद सरकार को जीत मिली है।
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ क्यों हो रहा विरोध, क्या लोगों को होगा फायदा?

आइए जानते हैं क्या है नागरिकता संशोधन कानून?
ये सबसे बड़ा व अहम सवाल है क्योंकि हर किसी को जानना है कि आखिर ये बिल है क्या? जिसे लेकर इतना बवाल मचा हुआ है। आपको सबसे पहले यह बता दें कि नागरिकता अधिनियम, 1955 में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन बिल लेकर आई जिसके बाद इस बिल के कानून बनने के साथ ही इसमें कई सारे बदलाव हो गए, यानि की अब पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए हुए जितने भी शरणार्थी हमारे देश में मौजूद थें चाहे वो किसी भी धर्म के क्यों न हो उन्हें भारत की नागरिकता मिलने में आसानी होगी। इस कानून के बनने से पहले तक उन्हें अवैध शरणार्थी घोषित किया गया था। इसलिए ये कानून सबसे ज्यादा उनके लिए फायदेमंद साबित होगा।
अब ये सवाल भी उठता है कि आखिर किन शरणार्थियों को मिलेगा फायदा?
बात करें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तो उनहोने यह बात संसद में अपने भाषण के दौरान साफ कर दिया था कि ऐसे लाखों-करोड़ों लोग हैं जिन्हें इस कानून से फायदा मिलेगा। नए कानून के अनुसार यह सभी शरणार्थियों पर लागू होगा चाहे वो कभी भी आए हो या फिर किसी भी धर्म से संबंध रखते हों। यानि कहने का अर्थ है कि कोई भी शरणार्थी जिस तारीख से भारत में आया हुआ है तभी से वो यहां का नागरिक हो जाएगा। ऐसे सरकार ने इसे लेकर एक एक कटऑफ तारीख भी जारी की हैं जो कि 31 दिसंबर 2014 से पहले आए सभी शरणार्थियों को लेकर है, जो इससे पहले यहां आए होंगे उन्हे भारत की नागरिकता मिल जाएगी।
किस जगह लागू नहीं होगा ये नागरिकता कानून?
सभी सवालों के बीच एक यह भी सवाल जुड़ गया है, ये सुनकर आपको हैरानी जरूर हो रही होगी लेकिन अभी की स्थिति को देखते हुए कुछ ऐसे भी स्थान हैं जहां पर ये कानून लागू नहीं किया जाएगा। दरअसल इस कानून को लेकर देश के पूर्वोत्तर राज्यों में जबरदस्त विरोध चल रहा है जैसे कि असम, मेघालय समेत कई ऐसे राज्य हैं जो इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं और सड़क पर विरोध के लिए उतर आए हैं। इसलिए इन राज्यों में फिल्हाल यह कानून नहीं लागू किया जाएगा। इस बात को सरकार ने कानून लागू करने के दौरान ही साफ कर दिया था कि मेघालय, असम, अरुणाचल, मणिपुर के कुछ क्षेत्रों में कानून लागू नहीं होगा। स्थानीय लोगों की मांग के कारण केंद्र सरकार ने यहां इनर लाइन परमिट जारी किया है, इसकी वजह से ये नियम यहां लागू नहीं होंगे।

