यह है हरियाणा के नवनिर्वाचित विधायकों का अपराधिक रिकॉर्ड
हाल ही में हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा की सीटों पर विधानसभा चुनाव समाप्त हो गए। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट बहुमत तक नहीं पहुंच पाई। पिछली बार हरियाणा में सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार पूर्ण बहुमत पाने में असफल रही। ऐसे में वह सरकार बनाने के लिए जननायक जनता पार्टी या निर्दलीय विधायकों पर निर्भर है। 90 विधानसभा सीटों वाली हरियाणा विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों का अपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।
हरियाणा इलेक्शन वॉच इंड एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स नेम नवनिर्वाचित सभी विधायकों के शपथ पत्र का परीक्षण किया। इसमें विधायकों के शिक्षा संबंधी, अपराधिक रिकॉर्ड और आय संबंधी सभी जानकारियों का रिकॉर्ड इकट्ठा किया गया। जिसके बाद इसे हाल ही में जारी किया गया।
पिछली बार के मुताबिक बढ़ा है विधायकों का अपराधिक रिकॉर्ड
हरियाणा के इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा जारी किए गए जानकारी में यह पता चला है कि 90 विधायकों में से 13 विधायकों पर अपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। जोकि कुल 14% है। 2014 के विधानसभा चुनाव का अध्ययन करने पर पता चला कि पिछली बार जो विधायक निर्वाचित हुए थे उनमें से 9 विधायकों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। अतः 2019 का विधानसभा चुनाव आते-आते विधायकों के अपराधिक मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके अलावा कुल 7 विधायकों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं जो कि 8% के लगभग होता है। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में 5 विधायकों ने यह बात स्वीकारी थी। तब आंकड़ा 6% था गंभीर आपराधिक मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मनोहर लाल खट्टर फिर से बनेंगे मुख्यमंत्री

भारतीय जनता पार्टी को भले ही विधानसभा चुनाव में 40 सीटें मिली हैं। मगर जननायक जनता पार्टी की 10 सीटों से गठबंधन कर एक बार फिर से मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी हरियाणा में अपनी सरकार बनाने जा रही है। रविवार की शाम को नए मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होने की उम्मीद है।
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