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नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत को सरकार से नहीं मिली बधाई

हाल ही में घोषित हुए नोबेल पुरस्कार विजेताओं की सूची में इस बार भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को भी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अभिजीत अमेरिका में रहते हैं। मगर इन दिनों नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद वह भारत आए हुए हैं। अभिजीत बनर्जी दिल्ली के जेएनयू विश्वविद्यालय से पढ़े हुए हैं। वही जेएनयू जो आजकल देश विरोधी नारों को लेकर चर्चा में रहता है।

अभिजीत बनर्जी ने बताया कि सरकार में से किसी भी मंत्री या प्रतिष्ठित व्यक्ति ने उन्हें फोन कर नोबेल पुरस्कार विजेता होने की बधाई नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने ट्वीट तो किए मगर किसी ने व्यक्तिगत रूप से बधाई नहीं दी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार में उनकी कोई बहुत गहरी जान पहचान भी नहीं है।

नोबेल पुरस्कार विजेता ने बताई भारत में आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह

इन दिनों भारत में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है जेएनयू केंपस से पढ़ें अभिजीत बनर्जी से जब भारत की ढीली पड़ चुकी अर्थव्यवस्था के विषय में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देश में मांग की कमी हो गई है। क्योंकि लोगों के पास पैसे नहीं है। पैसे ना होने के कारण लोग भेजने वालों से कुछ सामान खरीद नहीं पा रहे हैं। यही कारण है कि बेचने वाले भी अपने लिए कुछ नहीं खरीद पा रहे हैं और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सरकार को किसानों के लिए समर्थन मूल्य को और ज्यादा बढ़ाना पड़ेगा ताकि किसानों के पास पर्याप्त धन पहुंचे।

सरकार को सलाह देने से नहीं किया इनकार

अभिजीत बनर्जी ने बताया कि उन्होंने कभी भी सरकार को सलाह देने से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह भी चाहते हैं कि भारत का विकास हो और वह विश्व में एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में सामने आए। मगर सरकार ने कभी उसे सलाह देने का प्रयास भी नहीं किया।

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नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत को सरकार से नहीं मिली बधाई
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नोबेल पुरस्कार विजेता ममता बनर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि पुरस्कार के बाद सरकार की तरफ से किसी ने भी फोन करके बधाई नहीं दी।
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