गरीब छात्रों को पढ़ाने वाले व्यक्ति को राष्ट्रपति से मिला गोल्ड मेडल
हमारे देश में आज भी ऐसे कई नौजवान युवा मौजूद हैं जो देश के आम छात्रों के संघर्ष को समझते हैं। वह समझते हैं कि देश में कुछ ऐसे छात्र भी हैं जो पढ़ना तो चाहते हैं मगर उनके पास कोचिंग संस्थान में फीस भरने के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में युवा आगे आकर ऐसे छात्रों को शिक्षित करने का प्रयास करते हैं।
हाल ही में हरियाणा के रुड़की में आईआईटी के गरीब छात्रों को पढ़ाने वाले एक युवा अनंत वशिष्ठ को राष्ट्रपति से गोल्ड मेडल मिला है। यह नौजवान पिछले 4 वर्षों से रुड़की के पास स्थित एक गांव में गरीब छात्रों को मुफ्त में कोचिंग पढ़ा रहा है। हाल ही में बॉलीवुड में बनी फिल्म सुपर थर्टी बिहार के एक ऐसे शख्स आनंद कुमार की कहानी बयां करती है।
अपनी मेहनत के कारण मिला गोल्ड मेडल

अनंत वशिष्ठ इस समय गुरुग्राम के मास्टर कार्ड में काम कर रहे हैं। उन्हें यह पुरस्कार रुड़की कॉलेज के 19 वें दीक्षांत समारोह के दौरान दिया गया। अनंत वशिष्ठ के साथ आठ अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया। अनंत वशिष्ठ की कहानी कुछ आनंद कुमार के जैसी ही है। अनंत वशिष्ट बताते हैं कि 2015 में उनका नामांकन होने के बाद उन्होंने अपने कॉलेज से 8 किलोमीटर दूर स्थित कालियार गांव में 5 छात्रों के साथ मुफ्त पढ़ाने का अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में गांव वालों को समझाना बहुत मुश्किल था। मगर धीरे-धीरे छात्रों की संख्या बढ़ने लगी और गांव वालों को भी विश्वास हो गया।
बिहार के आनंद कुमार ने भी किया था ऐसा काम
देश के लाखों युवाओं के प्रेरणा बनने वाले बिहार के शिक्षक आनंद कुमार ने भी गरीब छात्रों को आईआईटी में चयन के लिए मुफ्त में पढ़ाना शुरू किया था। उनके इस काम ने उन्हें देश भर में विख्यात कर दिया। यही कारण था कि उनके ऊपर एक फिल्म सुपर थर्टी बनी। जिसमें आनंद कुमार का किरदार रितिक रोशन ने निभाया था।
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