फोन पर बात कर डोनाल्ड ट्रंप ने दी इमरान को नसीहत
भारत सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से उसका विशेष राज्य का दर्जा छीने जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर पूरे विश्व में सहायता मांगी। मगर चीन के अलावा कोई भी देश पाकिस्तान की मदद के लिए तैयार नहीं हुआ। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी जम्मू कश्मीर मामले में भारत के खिलाफ कोई भी रुख अख्तियार करने से मना कर दिया। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यह भारत का आंतरिक मामला है। भारत के इस कदम के लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान को नसीहत दी है कि वह क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी तरह से कोई गलत बयान बाजी ना करें जो भारत को उकसावा दे।
फोन पर ट्रंप ने दी इमरान को नसीहत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत की। इस बात की जानकारी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके दी। उन्होंने इमरान को नसीहत देते हुए कहा कि वह भारत के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक बयानबाजी से बचें। 1 हफ्ते के अंदर इमरान खान से ट्रंप की यह दूसरी बातचीत है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान का नाम लिए बिना ही उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की बयानबाजी क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा है। उन्होंने यह इशारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की और किया। जो कि पिछले कई दिनों से भारत के खिलाफ लगातार बयानबाजी करते हुए चले आ रहे हैं।
ट्रंप ने की थी मध्यस्थता की पहल
भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पूर्व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिका दौरे के समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद जम्मू कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात की थी। जिसे भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि जम्मू कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है। वह किसी और तीसरे देश का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



