उत्तर भारत बाढ़ के चपेट में
उत्तर भारत में बाढ़ के हालात बनते जा रहे हैं। दक्षिण भारत के बाद अब उत्तर भारत के कई इलाके भी भारी बारिश की चपेट में हैं। रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में बारिश की वजह से कम से कम 40 से ज्यादा लोगों की मौत गई जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है। आधा देश या समूचा उत्तर भारत बाढ़ के चपेट में है। यमुना और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण अब दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसके बाद इन सभी राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट जारी किया गया है।
यमुना नदी भी उफान पर
वहीं यमुना नदी में हथिनी बैराज से 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हरियाणा और दिल्ली में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है। प्रशासन लगातार चेतावनी दी रही है।
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण, नदी के ऊपर बने ‘लोहा पुल’ पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यमुना का जलस्तक जल स्तर 205 मीटर (चेतावनी स्तर 204.50 मीटर) पर पहुंच गया है। जरूर पढ़ेंखेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होंगे बजरंग पूनिया और दीपा मालिक
हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए 8 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के बाद दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। इस वजह से अब दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
उत्तर प्रदेश की नदियों का हाल
उत्तर प्रदेश में भी नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गंगा यमुना जैसी बड़ी नदियों के साथ साथ छोटी नदियां भी उफान पर है। निचले इलाकों में पानी भर रहा है। प्रयागराज में भी गंगा नदी उफान पर है।
आपको बताते चलें हाल में ही कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात जैसे राज्य बाढ़ की चपेट में थे। उत्तर भारत में भी बाढ़ का हाल बनता जा रहा है।
उत्तर भारत में इस वर्ष बाढ़
इससे पहले बिहार असम भारी बाढ़ की चपेट में थे। असम में ब्रह्मपुत्र नदी जबकि बिहार में कोसी नदी उफान पर थी।

