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श्रीलंका सेना प्रमुख की नियुक्ति विवादों में घिरी

श्रीलंका ने अपना नया सेना प्रमुख चुन लिया है। हालांकि नई नियुक्ति काफी विवादों में है। आपको बता दें कि श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेन ने देश के नए सेना प्रमुख के रूप में शावेंद्र सिल्वा के नाम पर मुहर लगा दी है। इसी के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। 55 साल के शावेंद्र मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपी हैं। वह मौजूदा सेना प्रमुख महेश सेनानायके न की जगह पर नियुक्त हुए हैं।

आपको बता दें कि श्रीलंका में तमिल लड़ाकों से चली लड़ाई के अंतिम दौर में कमांडर सिल्वा ने 2009 में सेना की 58वीं डिवीजन का नेतृत्व किया था। सेना की इस टुकड़ी पर आम नागरिकों और अस्पतालों पर हमले करने के आरोप हैं। सेना की कार्रवाई से युद्ध प्रभावित लोगों तक भेजी जाने वाली मानवीय सहायता नहीं पहुंच पाई थी। युद्ध अपराध को लेकर श्रीलंका की सेना के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHCR) में पारित प्रस्ताव में भी शावेंद्र के नाम का जिक्र है। जरूर पढ़ेउत्तर भारत बाढ़ के चपेट में     मेंेें

सेना की सफाई

सेना ने हालांकि युद्ध अपराध में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया है। जानकारों का मानना है कि शावेंद्र को सेना प्रमुख बनाने से श्रीलंका का संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ तनाव बढ़ना लाजिमी है। इससे अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर भी दिक्कतें आ सकती हैं।

सेना प्रमुख की नियुक्ति पर आलोचकों का मत

सिल्वा को सेना प्रमुख बनाए जाने पर विरोध भी हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि सिल्वा की सैन्य प्रमुख के तौर पर नियुक्ति संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक अभियानों में श्रीलंका के सहयोग तथा अमेरिका और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग में तनाव ला सकती है।

श्रीलंका में स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा कि अमेरिका सिल्वा की नियुक्ति पर गहरी चिंता जाहिर करता है। दूतावास ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य संगठनों द्वारा उनके खिलाफ मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के प्रमाणित हुए आरोप गंभीर एवं विश्वसनीय हैं। जरूर पढ़ेएम्स की इमारत में लगी आग पर पा लिया गया काबू

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