दिल्ली सरकार ने जारी किया नया फरमान, इस बात की नहीं होगी इजाजत
अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने हाल ही में दिल्ली के समस्त अधिकारियों के लिए एक नई सूचना जारी की है। इस नई सूचना के मुताबिक केजरीवाल की सरकार ने सभी अधिकारियों को यह सख्त हिदायत दी है कि वह किसी भी मीडिया वाले से बात ना करें। इसके साथ-साथ उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि वह सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की जानकारी शेयर ना करें। इसके लिए केजरीवाल सरकार ने सीसीसी रूल्स 1964 का हवाला देते हुए 10 जुलाई की रात को यह आदेश जारी किए जिसमें कहा गया है कि कोई भी जानकारी शेयर करने से पहले अधिकारियों को अधिकृत स्वीकृति लेनी पड़ेगी। संबंधित सभी विभागों में यह आदेश भेज दिए गए हैं।
भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने की तैयारी में केजरीवाल सरकार
अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार अब भ्रष्ट और भ्रष्टाचार में लिप्त सभी अधिकारियों पर नकेल कसने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए केजरीवाल सरकार ने अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों और कैबिनेट सचिवों को निर्देश दिए हैं। इसके अलावा केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल और मुख्य सचिव विजय देव से मुलाकात की। जिसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अब दिल्ली के भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट बननी शुरू हो गई है।
विपक्षियों के निशाने पर केजरीवाल
अपने इस निर्णय के कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। विपक्ष का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट अधिकारियों की याद कैसे आ गई। कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने तो उसे केवल एक राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने इसे केजरीवाल का एक राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए इस पर चुटकी ली है। दरअसल अगले वर्ष दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



