लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करने वाले केरल के कांग्रेस नेता अब्दुल्लाकट्टी ने थामा बीजेपी का दामन
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने से परहेज करते हो। मगर आए दिन कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए दिखाई पड़ते हैं। पहले भी कई कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और उनकी सरकार की तारीफ में चार शब्द कह चुके हैं। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इससे हमेशा बच कर चलते हैं। वह हमेशा इस बात का ध्यान रखते हैं कि उनके बयानों की वजह से कहीं बीजेपी को फायदा ना हो जाए। हाल ही में लोकसभा में बीजेपी और एनडीए सरकार के साथ-साथ नरेंद्र मोदी की तारीफ करने वाले केरल के कांग्रेस नेता अब्दुल्लाकट्टी अब कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
लोकसभा के अंदर की थी एनडीए सरकार की तारीफ
दरअसल पूर्व कांग्रेस नेता अब्दुल्लाकट्टी ने प्रधानमंत्री शानदार जीत के नाम से फेसबुक पर पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने यह लिखा था कि एनडीए की भारी जीत से पूरा विपक्ष ही नहीं बल्कि खुद बीजेपी के लोग भी हैरान हैं। इसके अलावा उन्होंने लोकसभा के अंदर भी एनडीए सरकार की नीतियों की प्रशंसा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि एनडीए सरकार की उज्जवला योजना और स्वच्छ भारत अभियान योजना बहुत ही सफल योजना है। बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ के बाद केरल की कांग्रेस पार्टी ने केरल के कांग्रेस नेता अब्दुल्लाकट्टी से स्पष्टीकरण मांगा था और बाद में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था।
मोदी को गांधीवादी आदर्शों पर चलने वाला बताया
अब्दुल्लाकट्टी ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था यदि आप नीति तो बनाते हैं तो आपको उस आखरी चेहरे को भी याद रखना है जिससे आप मिले थे। नरेंद्र मोदी ने इसी बात का अनुपालन किया। यह पहली बार नहीं है जब नरेंद्र मोदी की तारीफ के चलते अब्दुल्लाकट्टी को किसी पार्टी से निकाल दिया गया हो। इसके पहले उन्होंने 2009 में भी नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी तब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तब उन्हें सीपीएम की पार्टी से निकाल दिया गया था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



