चुनाव जीतने के बाद अब जाने लगी स्मृति ईरानी और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से बिजली
जब तक लोकसभा चुनाव चल रहे थे उस समय तक बड़े-बड़े नेताओं के संसदीय क्षेत्र में या फिर वह जिस जगह से चुनाव लड़ रहे हैं वहां पर निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। लोगों को दिन भर में 24 घंटे बिजली दी जा रही थी। मगर लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद और बड़े-बड़े नेताओं के चुनाव जीत जाने के बाद अब बिजली में अघोषित कटौती की जा रही है। इस भीषण गर्मी में लोगों को पूरी तरह से बिजली ना तो जीत दी जा रही है और ना ही अधिकारी इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह हाल किसी ऐसे वैसे एरिया का नहीं है। बल्कि यह बुरा हाल स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के जगदीशपुर का है। इसी तरह का कुछ हाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी का भी है।
नहीं मिलती दिनभर बिजली
अमेठी के जगदीशपुर के व्यापारी बेचू खान का कहना है कि जब तक लोकसभा चुनाव चल रहे थे। उस समय तक 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही थी। मगर लोकसभा चुनाव समाप्त हो जाने के पश्चात अब इस भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिलती है और बिजली अधिकारी जवाब देने से बचते हैं। इस तरह हमें अपने अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है।
सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र के अर्जुनपुर गांव में भी स्थानीय निवासी विवेक सिंह का कहना है कि अब गांव में जब बिजली आती है तभी हम जश्न मनाते हैं। रात को बिजली आने पर कुछ ही घंटे पंखा चलता है। लोकसभा चुनाव के समय यहां पर भी खूब बिजली देकर लोगों से वोट किए गए।
ऐसा ही हाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है यहां पर स्थानीय नेता सुधीर सिंह का कहना है कि बिजली समय पर ना आने के कारण बुनकरों और पर्यटकों के व्यवसाय पर भी प्रभाव पड़ता है। जनरेटर का खर्च होटल वाले वह नहीं कर सकते। ऐसे में बिजली की समस्या पानी की समस्या को भी जन्म देती है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



