इलाहाबाद की तरह ही बदल सकता है सुल्तानपुर का नाम
जब से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई है तब से शहरों के नाम बदले जाने का सिलसिला लगातार जारी है। सरकार ने 2 सालों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों के नाम बदले। जबकि कई शहरों के नाम अभी बदले जाने के लिए प्रस्तावित हैं। योगी सरकार ने कई शताब्दियों से प्रयागराज से इलाहाबाद हुए शहर का नाम बदल कर वापस प्रयागराज कर दिया। वहीं योगी सरकार ने फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या रख दिया। हाल ही में राज्यपाल राम नाईक ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को सुल्तानपुर का नाम बदलकर कुशभवनगर किए जाने के लिए एक चिट्ठी लिखी है।
राज्यपाल राम नायक ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखी गई चिट्ठी में राजपूताना शौर्य फाउंडेशन का भी जिक्र किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि राजपूताना शौर्य फाउंडेशन के कई प्रतिनिधि मुझसे आकर मिले और उन्होंने मुझे सुल्तानपुर इतिहास की एक झलक नामक पुस्तक के साथ-साथ सुल्तानपुर का नाम बदल कर कुशभवनगर किए जाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। राजपूताना शौर्य फाउंडेशन ने यह भी मांग की कि सुल्तानपुर का नाम हेरिटेज सिटी के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।
इससे पहले भी सुल्तानपुर का नाम बदलकर कुशभवनगर किए जाने की मांग बहुत दिनों से उठाई जा रही थी। कुछ दिनों पहले सुल्तानपुर के लाभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि ने विधानसभा में सुल्तानपुर का नाम कुशभवनगर किए जाने की बात उठाई थी। उनका कहना था कि अयोध्या से सटे इस नगर को भगवान श्री राम के पुत्र कुश ने बसाया था। इसलिए इसका नाम कुशभवनगर किया जाना चाहिए। सुल्तानपुर की नगर पालिका में भी यह प्रस्ताव पारित किया गया।
दरअसल धार्मिक रूप से सुल्तानपुर का महत्व पर है। सीता जी यहीं पर आकर ठहरी थीं और उनकी इसलिए स्मृति के तौर पर वहां पर सीता कुंड घाट भी बनाया गया है। ऐसे प्रमाण भी मिलते हैं कि मुगलों से पहले सुल्तानपुर का नाम कुशभवनगर ही था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



