इस बात से नाराज होने के कारण मोदी के शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे शरद पवार
30 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी बात अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके कैबिनेट के 57 मंत्रियों को भी उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान देश विदेश के लगभग 8000 मेहमान मौजूद रहे। इन मेहमानों में देश के शीर्ष उद्योगपति, बॉलीवुड के फिल्मी सितारे ,खेल जगत के सितारे और विपक्ष के दिग्गज नेता भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार को भी निमंत्रण मिला था। मगर शरद पवार शपथ ग्रहण में शामिल होने के बजाय मुंबई वापस लौट गए। शरद पवार के मुंबई वापस लौटने का कारण और शपथ ग्रहण समारोह में शामिल ना होने का कारण उनकी नाराजगी बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक शरद पवार पांचवी सीट में जगह मिलने के कारण नाराज थे।
पांचवी कतार में जगह मिलने के कारण नाराज थे शरद पवार
दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार इस बात से नाराज थे क्योंकि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में पांचवी कतार में जगह दी गई थी। बाद में एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने मीडिया के सामने आकर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि शरद पवार पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह वरिष्ठ राजनेता भी हैं। ऐसे में शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें पांचवी कतार में जगह दिया जाना बहुत ही दुखद और अपमानजनक है।
एनसीपी के कांग्रेस विलय से किया इनकार
इसके पहले शरद पवार ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। शरद पवार ने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों और सुखे के स्थिति को लेकर थी कांग्रेस और एनसीपी ने महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों पर एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। मगर एनसीपी और कांग्रेस को यहां पर भारी हार का सामना करना पड़ा।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।

