अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गणतंत्र दिवस का निमंत्रण ठुकराया
रत हर साल अपने गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी न किसी विशिष्ट अतिथि को आमंत्रित करता है । इस साल भारत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विशिष्ट अतिथि के रूप में आने का न्योता दिया था परंतु अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है । जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में थोड़ा सा संबंध में खटास भी देखने को मिल रहा है । आने वाले गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर अब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रामापोसा को निमंत्रण भेजा गया है । ऐसा माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की जगह वह आने वाले साल पर गणतंत्र दिवस के खास मेहमान के रूप में उपस्थित होंगे ।
भारत के राजनीतिक दूतों के अनुसार यह बताया गया है कि रामापोसा ने भारत के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है । इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में एक विकल्प के तौर पर केंद्र सरकार तीनों देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के नामों पर विचार कर रही थी मगर अब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामापोसा के नाम को सुनिश्चित कर दिया गया है । गौरतलब है कि केंद्र सरकार तीनों देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के नामों पर विचार करने में कर रही थी । जिस में सबसे ऊपर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामापोसा का नाम था और अंत में उन्हीं के नाम पर ही सर्व सम्मति बनी । अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे का निमंत्रण स्वीकार कर लिए होते तो इतिहास के पन्ने में यह उनका पहला भारत दौरा होता लेकिन कुछ दिनों पहले ही व्हाइट हाउस की तरफ से यह जानकारी दी गई थी कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का दौरा रद्द कर दिया है ।
राजनैतिक पंडितों ने ट्रंप के भारत ना आने के कारण का अंदाजा लगाया है कि भारत और रूस के बीच हुई एस 400 की डील ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते में खटास लाने का काम किया है । इसके बाद ईरान से तेल करार की वजह से भी ट्रंप प्रशासन यह फैसला ले सकता है । इसके अलावा 26 जनवरी के दौरान ट्रंप का स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन और कुछ राजनीतिक कार्यक्रम भी निर्धारित हो सकता है जिसकी वजह से व्हाइट हाउस ने फैसला लिया है । गौरतलब है कि 75 साल के जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद इसी साल रामपोसा जिनकी उम्र लगभग 65 साल है दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने हैं । उन्होंने इसी साल नेशनल कांग्रेस का भी नया अध्यक्ष का पद प्राप्त किया है ।
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