एशिया का प्रमुख बीज केंद्र बनता भारत।
भारत एक ऐसा देश जहां की लगभग 60% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है । भारत देश कृषि में और भी नए-नए मुकाम बनाते करते हुए चला जा रहा है । भारत एशिया का एक प्रमुख बीज केंद्र के रूप में बनकर उभरा है ।
एक अध्ययन के दौरान लगभग शामिल 24 बीज कंपनियों में से 18 बीज कंपनियां जो भारत से संबंध रखते थे । वह विकास और उत्पादन की गतिविधियों में निवेश की है । इस अध्ययन में इस बात को स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय बीज कंपनियां और वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं । इससे सीधा-सीधा फायदा छोटी कृषि जोत वाले किसानों को मिलेगा । जिससे कि वह अपने फसल उत्पादन को बढ़ा सकें ।
वर्ल्ड बेंचमार्किंग एलियंस में प्रकाशित एक लेख के दौरान जिस में एक्सेस टू सीट्स इंडिया में इस बात को कहा गया है कि भारत में तकरीबन 10 करोड़ किसान ऐसे हैं । जो कि छोटी कृषि करते हैं अर्थात छोटी कृषि जोत वाले हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि वह खाद्य आपूर्ति का लगभग 80% भाग प्रदान करते हैं । जब यूपीए वैश्विक बहुविध भारत एक पहल है जो कि सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवसायिक रूप से प्रयासों को करने व मापने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करता है ।
यह रैंकिंग छोटी कृषि जोत वाले किसानों को फसल उत्पादकता बढ़ाने में मदद देने के प्रयासों के आधार पर तैयार की गई है। इस सूची में थाइलैंड की ईस्ट-वेस्ट सीड कंपनी शीर्ष पर है। इंडेक्स की पहली बार जारी रैंकिंग में चार भारतीय बीज कंपनियां नामधारी सीड्स एडवांटा, एक्सेन हाइवेज,और न्यूजीवेदु सीड्स दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हैं ।
एक्सेस टू सीट्स इंडेक्स के कार्यकारी निदेशक एगो बैगन ने भारत की तारीफ करते हुए कहा है कि भारत में निवेश करने वाले कई विदेशी और मजबूत कंपनियां घरेलू बीज कंपनियों के साथ छोटी जोत वाले किसानों के लिए सहायता के लिए प्रतिबद्ध है । इनका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज के विकास और आपूर्ति के साथ साथ विश्व में एक असली पावर हाउस के रूप में प्रवेश करना है । अभी तक छोटी कृषि जोत वाले किसानों का इस स्तर तक पहुंच नहीं है लेकिन हमारा प्रयास है कि हम एक दिन इन्हें उस स्तर तक जरूर पहुंचाएंगे ।


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