करुणा शुक्ला देंगी मुख्यमंत्री रमन सिंह को चुनौती
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने की वजह से सियासी पारा काफी गर्म हो चुका है । छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 23 अक्टूबर है । नॉमिनेशन के लिए कांग्रेस ने 18 सीटों के लिए पहले चरण के चुनाव में अपने उम्मीदवारों के नाम निश्चित कर दिए हैं ।
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जोरदार सियासी से युद्ध देखने को भविष्य मिल सकता है । मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने एक बड़े व्यक्तित्व को सामने लाकर खड़ा किया है । यह छत्तीसगढ़ की जानी-मानी हस्ती करुणा शुक्ला है । गौरतलब है कि करुणा शुक्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की भतीजी भी हैं ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस जोर-शोर से जन सभाएं रैली कर रही है । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में एक रैली के दौरान मंच पर करुणा शुक्ला की जमकर तारीफ की और उनसे व्यक्तिगत तौर पर काफी देर तक बातचीत भी की । सियासी राजनीतिज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का इस तरह से अपने चुनावी रैलियों के मंच से करुणा शुक्ला की तारीफ करना और उनसे व्यक्तिगत तौर पर बात करना या संकेत देता है कि कांग्रेस जल्दी करना शुक्ला पर छत्तीसगढ़ में एक बहुत बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रही है । इसका मुख्य उद्देश्य यह होगा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सके ।
करुणा शुक्ला छत्तीसगढ़ में एक ऊंचे व्यक्तित्व की हस्ती रही है । करुणा शुक्ला भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर कोरबा से सांसद रह चुकी है । इसके साथ साथ ही छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से वह विधायक भी रह चुकी है । सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी अटल बिहारी वाजपेई के परिवार को काफ़ी अनदेखा किया जिसके वजह से अटल बिहारी वाजपेई का परिवार भारतीय जनता पार्टी से काफी दुखी रहा । भारतीय जनता पार्टी के इस अनदेखी की वजह से ही उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामा है । गौरतलब है कि सन 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस ने करुणा शुक्ला को बिलासपुर से टिकट दिया था लेकिन दुर्भाग्यवश वह जीत नहीं पाई थी । अब कांग्रेस इन पर फिर से दांव खेलने जा रही है और इस बार राजनांदगांव से करुणा शुक्ला को सीएम मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ उतारने की कोशिश में है ।

