अयोध्या भूमि विवाद पर फैसले से पहले धारा 144 लागू, ऐसे माहौल में मंदिर बनेगा?
अयोध्या भूमि विवाद : अयोध्या भूमि मामले के फैसले के उपरांत किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए, जिला प्रशासन ने रविवार को 10 दिसंबर तक अयोध्या में धारा 144 लागू कर दी। अयोध्या में धारा 144 लागू करने की पुष्टि करने से पहले, जिला मजिस्ट्रेट अनुज कुमार झा ने कहा कि यह निर्णय दिवाली और गोवर्धन पूजा जैसे आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने फैसले की पुष्टि करते हुए कहा, “अयोध्या भूमि मामले में फैसले आने की सिलसिले में 13 अक्टूबर से लेकर 10 दिसंबर तक जिले में धारा 144 लागू की गई है।”
यह निर्णय अयोध्या में विवादित भूमि पर दीप जलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति प्राप्त करने के लिए हिन्दू पक्षकारों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं के द्वारा दायर की गई याचिका के मद्देनजर आया है। जबकि मुस्लिम पक्षकारों ने जोर दिया है कि अगर हिंदू दलों को वहां दीया जलाने की अनुमति मिल जाती है तो वह स्थल पर नमाज अदा करने की अनुमति भी मांगेंगे।
अयोध्या भूमि विवाद : धारा 144 लगने के पीछे कुछ सवाल है
सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर को अयोध्या भूमि मामले में अपना फैसला सुनाएगा बता दें कि यह वह दिन भी है जब भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अपने कर्तव्य से सेवानिवृत्त होंगे। इससे पहले, CJI की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने विवाद के एक सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने में विफल रहने वाले दलों के बीच मध्यस्थता के बाद 6 अगस्त से कार्यवाही शुरू कर दी थी।
18 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी हो जाएगी जिसके बाद 17 नवंबर तक इस 70 साल से भी अधिक लम्बे चलने वाले धार्मिक भूमि विवाद केस का फैसला आ जायेगा। सवाल यह भी उठता है कि यदि दोनों पक्ष शान्ति से ही इस मामले का हल चाहते हैं तो वहाँ पर 144 लागू क्यों करनी पड़ गई ? इतनी ही शान्ति है तो लोगों को वहाँ जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या 1992 की तारीख फिर से दोहराये जाने का डर सुप्रीम कोर्ट को है ? क्या राज्य की योगी सरकार अपनी छवि बनाने के लिए 144 लागू कर चुकी है जबकि दीपोत्सव करने का इरादा तो उसी का था।
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

