हम भारत के लोग ……
हम भारतवासी अपने पूरे होशों हवास में शपथ लेते हैं कि हम भारत को अखण्ड नही रहने देंगे !
हम भारत वासी शपथ लेते हैं की देश हित का सोचने वालों को मरने पर विवश कर देंगे.
पूरे सोच विचार के पश्चात हम भारत के लोग यह प्रण लेते हैं की अपने हितो पर देश हित की बलि चढ़ाने में संकोच नही करेंगे.
हम बस उसी पार्टी की सरकार बनाने में सहयोग करेंगे जिससे हमारे स्वार्थ सिद्ध होंगे.
हम भारतवासी पूरा प्रयास करेंगे कि देश भ्रष्टाचार से मुक्त ना हो सके.
साफ़ सुथरी सरकार और ईमानदार नेता हमारी राह के रोड़े हैं.
सही ग़लत की परवाह किए बिना हम चन्द रूपयों में अपना वोट बेच देंगे.
हम सभी भारत के लोग अपनी पहचान अपने धर्म के आधार पर बताएँगे.
जैसे हिन्दू,मुसलमान,सिख या ईसाई आदि.
राजनीति भी हम जात पात के आधार पर ही करेंगे.
यदि किसी के साथ दुर्व्यवहार होता है या किसी की हत्या हो जाती है तो सबसे पहले उसका धर्म और जाति पूछी जानी चाहिए.
हम उसके बाद फ़ैसला करेंगे की दोष किसका है.
आप को क्या लगता है?
ये अंगर्ल प्रलाप है!!
हमारे देश में बस यही हो रहा है.
देश की सोचने वालों की बलि ली जाती है.
देशद्रोही सरेआम खुले घूमते है.
श्री राम कहने वालों को जेल की सज़ा की माँग होती है.
हिंदुस्तान मुर्दाबाद , भारत तेरे टुकड़े होंगे.
ऐसा कहने वाले मीडिया में हीरो बन गये.
कोई दुस्साहस नही करता उन्हें जेल भेजने का.
सेना को सर्जिकल की सफ़ाई देनी पड़ती है!
आतंकवादियो और पत्थर बाजों पर रहम दिखाया जाता है.
सेना को मरने के लिए सीमा पर बिठा रखा है और अलगाववादियों को सर पर.
इन हालातों में एक नया शपथ पत्र बन जाना चाहिए .
हम भारत के लोग अब देश की सुरक्षा की बात नही करेंगे बस अपना कुनबॉ पालेंगे.
जय हिंद कहे या मैं महान !
मेरा स्वार्थ महान .
देश बन जाए बे ईमान!!!

