सेना के ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ से बचने के लिए हिज्बुल मुजाहिदीन ने चली चाल
इस साल जहां एक तरफ पहले के मुकाबले जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं, वहीं आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत सेना को बड़ी संख्या में आतंकियों को ढेर करने में कामयाबी भी मिली है। अब तक 140 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा किया जा चुका है। ऐसे में आतंकी संगठन हिज्बुज मुजाहिदीन और अधिक सतर्क हो गया है और इस तरह की क्षति से बचने के लिए कमांडर रियाज नाइकू ने अपने सदस्यों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
‘द हिंदु’ के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक मुनीर खान ने कहा कि ऐसा लग रहा है हिज्बुल आतंकियों ने अपने पुराने सिम कार्ड तोड़ दिए हैं। हालांकि बिना मोबाइल फोन के रहना उनके लिए संभव नहीं है। मगर उन्होंने या तो नए नंबर ले लिए हैं या फिर वे मोबाइल फोन के बिना रह रहे हैं।
वहीं सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने 13 अगस्त को शोपियां में एक मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर यासिन इतू उर्फ महमूद गजनवी के मारे जाने से दक्षिण कश्मीर में आतंकी संगठन के हमले की क्षमता काफी हद तक प्रभावित हुई है। आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, यासिन की मौत के बाद नया कमांडर नाइकू मुख्य भूमिका में आ गया है और वह संगठन की ‘प्रतिष्ठा’ को बरकरार रखने की पूरी कोशिश कर रहा है। वह चाहता है कि संगठन को कोई और नुकसान ना पहुंचे।
जाकिर मूसा के हिज्बुल मुजाहिदीन छोड़कर चले जाने से संगठन को पहले ही झटका लगा हुआ है, जो अब अलकायदा से जुड़ने का दावा कर रहा है। ऐसे में हिज्बुल मुजाहिदीन की हमले की क्षमता को फिर से मजबूत करने के लिए नाइकू ने आतंकियों को अपने मोबाइल फोन से दूर रहने का फरमान सुनाया है।

