भारत-बंद के दौरान हिंसा, मारपीट और आगजनी
हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने दलित-उत्पीड़न एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए डीएसपी स्तर के जांच का प्रावधान कर दिया था। हालांकि यह केवल दलित-उत्पीड़न एक्ट का दुरुपयोग रोकने के लिए आवश्यक था, फिर भी राजनैतिक पार्टियों ने दलित वोट बैंक को पाने के लिए इसका विरोध शुरू कर दिया। इससे उत्साहित हो कर सभी दलितवादी संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है।
इन दलित संगठनों ने शांतिपूर्ण भारत बंद की बात कही थी। लेकिन भारत बंद के समर्थकों ने बंद को सफल बनाने के लिए लोगों के साथ मारपीट, गाड़ियों में आगजनी और रेल रोको आदि हिंसात्मक कार्य भी कर रहे हैं।
बंद समर्थकों ने मध्य प्रदेश में फ़ाइरिंग की, उत्तर प्रदेश में बसों और कारों को आग के हवाले कर दिया। सवारियों पर पत्थर फेंके गए।
#WATCH #BharatBandh over SC/ST protection act:Shots fired during protests in Madhya Pradesh's Gwalior pic.twitter.com/p8mW36qL0s
— ANI (@ANI) April 2, 2018
#BharatBandh over SC/ST protection act: Bus vandalized & set ablaze during protest in Azamgarh. pic.twitter.com/smRy8IdG9w
— ANI UP (@ANINewsUP) April 2, 2018
मेरठ में डीएम के घर पर पथराव किया गया। जयपुर में आम यात्रियों की गाडियाँ तोड़ी गई। यहाँ तक कि बंद समर्थकों ने आज यात्रा कर रही महिलाओं और बच्चों तक को भी नहीं छोड़ा। कई लोगों को गंभीर चोटें आई।
शांतिपूर्ण आन्दोलन की एक ओर तस्वीर pic.twitter.com/9v8DzpgRHX
— Ashish Sharma (@Kumarashish__) April 2, 2018
Bad situation in Jaipur. Hooligans shouting Jai Bhim and breaking windows of each and every vehicle on the way. What kind of protest is this? Would Babasaheb have allowed it? pic.twitter.com/zWtrR8UEFj
— Pankaj Jangid (@Jangid) April 2, 2018
भारत बंद समर्थकों द्वारा हिंसा पर गृहमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में रिवियू पिटिशन रही है। सभी लोग शांति बनाएँ रखें।
We have filed the review petition in Supreme Court. I appeal to all political parties & groups to maintain peace and not incite violence: Union Home Minister Rajnath Singh on #BharatBandh over SC/ST protection act pic.twitter.com/H9hTMCa9oN
— ANI (@ANI) April 2, 2018
अभी तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार से हिंसा के घटनाओं कि खबरें आ रही है। अब देखना यह है कि शाम तक यह हिंसक भारत बंद कितना शांत हो पता है और कितना प्रभाव डालता है।

