टैक्सब – एक आवाज जो जनसख्या वृद्धि के विरोध में निरंतर लोकतंत्र के कानो में गूँज रही है
टैक्सब एक ऐसा नाम जो लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि का विरोध करता आ रहा है और जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनाने की निरंतर मांग करते आ रहा है लेकिन सरकार इस विशेष और संवेदनशील मुद्दे पर बिल्कुल भी गंभीरता नही दिखा रही है ।
कोई देश जब अर्थव्यवस्था,विकास,रोजगार के दृष्टिकोण से पिछड़ा हुआ दिखाई दे तो ये आवश्यक हो जाता है कि उसकी गिरती अर्थव्यवस्था ,गिरती विकास दर व् घटते रोजगार के अवसरों के पीछे के कारणों का स्पष्टीकरण कर उनके उत्थान के लिए कार्य किया जाये या कार्य शैली मे सुधार किया जाये ।
आज प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था ,विकास व रोजगार का सीधा सीधा संबंध उस देश की जनसंख्या से होता है आज आप देखेगे जिस देश का जनसंख्या अनुपात सबसे अधिक होता है वह देश आज अशिक्षा और बेरोजगारी जैसी महामारियों से सबसे ज्यादा जूझ रहा होता है उदाहरण के लिए भारत और चीन जैसे देश इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है ठीक इसके विपरीत अगर आज हम कम जनसंख्या अनुपात वाले देशो की बात करे तो ऐसे देश जिनका की जनसंख्या अनुपात भारत और चीन की तुलना मे काफी कम है आज वो जेसन बोल्ट की रफ़्तार से विकास और अर्थव्यवस्था की दौर मे सबसे आगे दौड़ते हुए दिखाई दे रहे है जैसे कि इजराइल और फ्रांस
क्योकि प्रत्येक देश में अर्थव्यवस्था ,विकास व् रोजगार के अवसर उस देश में मोजूद साधन और संसाधनों के माध्यम से ही उपलब्ध कराये जाते है या उत्पन्न किये जाते है लेकिन अगर जनसँख्या की तुलना में साधन व् संसाधन सीमित मात्रा उपलब्ध है तो देशं की आबादी का एक बड़ा हिस्सा या भू -भाग अर्थव्यवस्था ,विकास व् रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ दिखाई देता है और आगे चल कर यही पिछड़ा हुआ भू- भाग किसी भी देश को विकसित देशो की श्रेणी में शामिल होने के लिए मील का पत्थर साबित होता है !
इसलिए आप सभी से निवेदन है अगर आप भी अपने देश को विकसित राष्ट्रों में शामिल करना चाहते और जेसन बोल्ट की रफ़्तार से विकास और अर्थव्यवस्था की दौर मे सबसे आगे दौड़ते हुए देखना चाहते है तो टैक्सब की मुहीम का हिस्सा बन जनसँख्या नियंत्रण कानून का ध्वनी मत से समर्थन करे !
लिंक पर जाकर पेज लाइक करे https://www.facebook.com/taxaborg/


