जम्मू कश्मीर सहित आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक घोषित हों
सुप्रीम कोर्ट मे एक नयी याचिका दाखिल हुई है जिसमें जम्मू कश्मीर सहित आठ राज्यों में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बताते हुए नये सिरे से अल्पसंख्यकों की पहचान कर नयी अधिसूचना जारी करने की मांग की गयी है। याचिका में कहा गया है कि 1993 की अल्पसंख्यक वर्ग घोषित करने की अधिसूचना असंवैधानिक घोषित कर रद की जाए। यह याचिका सोमवार को भाजपा नेता व वकील अश्वनी उपाध्याय ने दाखिल की है।
दाखिल याचिका में कहा गया राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1992 में बना और 17 मई 1993 में जम्मू कश्मीर को छोड़ कर पूरे भारत मे लागू हुआ। । कानून के मुताबिक केन्द्र सरकार जिस समुदाय को अल्पसंख्यक घोषित करेगी उसे ही अल्पसंख्यक माना जाएगा। केन्द्र ने कानून की धारा 2(सी) की शकि्तयों का इस्तेमाल करते हुए 23 अक्टूबर 1993 को पांच समुदायों मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी को अल्पसंख्यक समुदाय घोषित किया। 2014 में इसमें जैन भी शामिल कर दिये गये।
हिन्दुओँ को अल्पसंख्यक सूची में शामिल नहीं किया गया जबकि हिन्दू आठ राज्यों में अल्पसंख्यक हैं। याचिका में कहा गया है कि 2011 की जनगणना के मुताबिक हिन्दू आठ राज्यों लक्ष्यद्वीप (2.5 फीसद), मिजोरम (2.7 फीसद), नगालैंड (8.75 फीसद), मेघालय (11.53 फीसद), जम्मू कश्मीर (28.44 फीसद), अरुणाचल प्रदेश (29 फीसद), मणिपुर (31.39 फीसद), और पंजाब में ( 38.40 फीसद)अल्पसंख्य हैं उन्हे अल्पसंख्यक नहीं घोषित किया गया है और इन राज्यों में अल्पसंख्यकों को मिलने वाले लाभ बहुसंख्यक ले रहें हैं।

