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चीन के साथ तनाव पर बोले जेटली- सेना किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम

सीमा पर चीन के साथ गतिरोध के बीच रक्षामंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में बुधवार (09 अगस्त) को कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश की सुरक्षा के सामने उत्पन्न किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं. उन्होंने रेखांकित किया कि 1962 के युद्ध से सबक लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर के 1948 में कब्जाए गए हिस्सों को वापस पाने की देश के लोगों में प्रचंड इच्छा है.

 महात्मा गांधी द्वारा 1942 में शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए विशेष चर्चा में जेटली ने कहा कि इन दशकों में भारत के सामने कई चुनौतियां खड़ी हुईं, लेकिन ‘‘हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि प्रत्येक चुनौती के साथ देश मजबूत होता गया.’’ उन्होंने कहा कि भारत ने चीन के साथ 1962 के युद्ध से यह ‘‘सबक सीखा’’ कि ‘‘हमें अपने सशस्त्र बलों को पूर्ण सक्षम बनाना होगा क्योंकि आज भी हमारे देश के समक्ष हमारे पड़ोसी देशों की ओर से चुनौतियां हैं.’’ जेटली ने कहा कि सशस्त्र बल 1965 और 1971 (भारत-पाक युद्ध) के घटनाक्रमों से और मजबूत हुए.
 उन्होंने कहा, ‘‘मैं सहमत हूं कि कुछ चुनौतियां आज भी हैं. कुछ लोगों की हमारी संप्रभुता और अखंडता पर नजर है. लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे वीर सैनिक हमारे देश को सुरक्षित रखने की क्षमता रखते हैं, चाहे चुनौतियां पूर्वी सीमा पर हों या पश्चिमी सीमा पर.’’ जेटली के इस संदेश का इसलिए काफी महत्व है क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच दो महीने से डोकलाम में गतिरोध बरकरार है. जेटली ने हालांकि इसका उल्लेख नहीं किया.

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