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एक ऐसा भी देश है जहाँ के सारे लोग १ जनवरी को ही अपना जन्मदिन मनाते हैं!

इंडिया अलाइव के सुधि पाठकों को हमारी तरफ से नए साल की हार्दिक शुभकामनाए। चूँकि आज जार्जियन कैलेंडर ही सर्व मान्य है, अतः लगभग सभी देशों में 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है। लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि एक देश के सभी लोगों का जन्मदिन एक ही दिन हो और वो भी 1 जनवरी का दिन?

अटपटा लगता है, लेकिन इस बात में सच्चाई है। अफ़ग़ानिस्तान के अधिकतर लोग 1 जनवरी को ही अपना बर्थडे मनाते हैं। ऐसा इसलिए कि यह एक सुविधाजनक दिननक है और जिसे भी अपना वास्तविक जन्मदिन पता नहीं होता है, वह 1 जनवरी को ही अपना जन्मदिन चुन लेता है। इसके पीछे एक सरकारी कारण भी है। अफ़ग़ानिस्तान की सरकार इस्लामिक कैलेंडर का इस्तेमाल करती है जिसे हिजरी कहा जाता है। हिजरी कैलेंडर में साल का पहला दिन आमतौर पर 21 मार्च के आस पास होता है। लेकिन हिजरी कैलेंडर काफी आगे-पीछे चलता है जिसकी वजह से सटीक दिन तय करना मुश्किल होता है। अतः लोग 1 जनवरी को ही अपना जन्मदिन मान लेते हैं।

इस समस्या का एक कारण और भी है। अफ़ग़ानिस्तान के सरकारी दस्तावेजों में जन्मतिथि लिखने का कोई कॉलम नहीं होता है यहाँ तक की सरकारी काम काज के लिए भी लोगों की उम्र का अंदाजा उनकी शारीरिक स्थिति को देखकर लगाया जाता है। हालांकि वहाँ की सरकार अब इसे बदलने का प्रयास कर रही हैं। अब कुछ काबुल के बड़े अस्पतालों ने वहाँ पर पैदा होने वाले बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। अफ़ग़ानिस्तान की सरकार अब अपने नागरिकों को ई-तजकीरा या कंप्यूटराइज्ड नैशनल आईडी कार्ड जारी करने पर विचार कर रही है लेकिन यह प्रक्रिया तालिबान के आतंकवाद और राजनैतिक अस्थिरता के कारण लागू नहीं हो सका है।

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