इजराइली प्रधानमंत्री के भारत दौरे व् पीएम मोदी जी की बढ़ती लोकप्रियता से कुंठित विपक्ष क्या खोद रहा है स्वयं की कब्र
इजराइली प्रधानमंत्री की प्रथम भारत यात्रा पर अगर हम और आप चर्चा करे तो हम इसे विकसित राष्ट्र की और भारत का प्रथम कदम या प्रथम प्रयास ही कहेंगे … आज़ादी के इतिहास में अगर विदेश नीति की बात की जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो लाजवाब कार्य किया है वो सायद ही है आज़ादी के इतिहास में आज से पहले किसी अन्य प्रधानमंत्री के माध्यम से सम्भव हुआ हो लेकिन इसके वाबजूद कुछ विपक्षी कुंठित राजनेता व् कुर्सी की बिमारी से ग्रषित राजनैतिक दल वर्तमान प्रधानमंत्री की उपलब्धियों को पचाने में असमर्थ दिखाई दे रहे है और हाल ही में देश के मुख्य विपक्षी दल द्वारा प्रधानमंत्री मोदी जी को निशाने पर लेकर लॉन्च किया गया वीडियो मुख्य विपक्षी दल की कुंठित मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण है लगता है इनका प्रथम उद्देश्य ही देश की प्रतिष्ठा व् मान ,सम्मान को ठेस पहुंचाकर कुर्सी व् स्वार्थ हित में कार्य करना बन गया है
इन सभी कुंठित मानसिकताओं को पीछे छोड़ अगर हम आज राष्ट्रहित की बात करे तो इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का प्रथम भारतीय दौरा ऐतिहासिक व् भारत की विकसित राष्ट्र की कल्पना को सत्यार्थ करने वाला है और उदारीकृत एफडीआई बिल का लोक सभा में पास होना भी इसी की एक प्रथम कढ़ी है सुरक्षा के दृष्टिकोण से इजराइली कंपनियों को उदारीकृत एफडीआई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है ताकि वे हमारी कंपनियों के साथ मिलकर भारत में अधिक निर्माण कर सकें।
साथ ही दोनों देश कृषि, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी और सुरक्षा जैसे अतिविशेष क्षेत्रो व् आधार स्तम्भों को एक दूसरे के सहयोग से सुदृढ बनाने के लिए कार्य भी करेंगे और तेल एवं गैस, साइबर सुरक्षा, फिल्म तथा स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग करने के साहस को भी बल देने का भी प्रयास कर रहे है
अपने नागरिको को एक दुसरे के निकट लाने के लिए जल्द ही भारत इजरायल में एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र खोलने जा रहा है जिसके अंतर्गत दोनों ही देशो के नागरिक लंबी अवधि तक एक दूसरे देशो में केवल रहेंगे ही नहीं वल्कि वहा रहकर कार्य भी कर सकेंगे इसलिए विज्ञान संबंधी शैक्षणिक विधाओं से 100 युवा लोगों के द्विपक्षीय भ्रमण का वार्षिक आदान-प्रदान शुरू करने का भी सुनिश्चय दोनों देशो ने कर लिया है।
और दोनों के बीच ये निकटता और मधुर सम्बन्ध वर्तमान केंद्र सरकार की मजबूत विदेश नीति और पीएम मोदी जी के सार्थक और सफल प्रयासों का ही परिणाम है जिनपर आज कुंठित होना स्वयं का मजाक उड़ाने जैसा ही है और आज कुंठित भावना से ग्रषित विपक्षी दल ने भारत और भारतीय प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा और सम्मान को टांक पर रखकर इस विशेष अवसर पर जो वीडियो लॉन्च किया वो स्वयं के पैरो पर कुल्हाड़ी मारने व् खुद का ही मजाक बनाने जैसा ही है और यही कारण है कि आज ६० साल देश पर राज करने वाली पार्टी सत्ता से बाहर होने के बाद से ही दिन प्रति दिन अपनी दिवालियापन की निशानिया राजनीति के गलियारों में छोड़ती जा रही है !



