अपराधियों के एनकाउंटर में ही नहीं, सोशल मीडिया से जनता की सेवा में भी यूपी पुलिस अव्वल
पिछले साल 2017 में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हालाँकि योगी सरकार बनने के बाद यूपी पुलिस अपराधियों के एनकाउंटर के लिए ज्यादा चर्चा में रही है, लेकिन सोशल मीडिया का उपयोग जनसेवा के लिए करने में भी सबसे आगे रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में हाल ही में ट्विटर सेवा शुरू की थी। 2017 के दौरान पूरे साल में 72 हजार से अधिक लोगों ने ट्विटर के जरिए पुलिस से मदद पाई। ट्विटर पर हुई शिकायतों पर मारपीट, अभद्रता और भ्रष्टाचार करने वाले 90 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया। सोशल मीडिया से आई शिकायतों पर एक्शन लेते हुए 22 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर कर दिए गए और 18 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। और 170 पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई गई।
यूपी पुलिस के सोशल मीडिया प्रभारी राहुल श्रीवास्तव ने 5 जनवरी 2018 को आंकड़े जारी करते समय बताया कि वर्ष 2017 में सवा दो लाख से अधिक लोगों ने ट्विटर के जरिये पुलिस में शिकायत की। जिनमें से में 79,761 शिकायतों को कार्रवाई योग्य पाया गया।
प्राप्त कार्यवाही योग्य शिकायतों में से लगभग 72 हजार यानी 92 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया गया। इन शिकायतों के तेजी से निस्तारण में नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और बरेली सबसे आगे रहे। वहीं बलरामपुर, फैजाबाद और शाहजहांपुर जिलों में शिकायतों का निस्तारण संतोषजनक नहीं रहा।
शिकायतों के निस्तारण के अलावा यूपी पुलिस ट्विटर के माध्यम से जागरूक अभियान और सूचनाएँ देने का भी काम करती रही है। इस क्रम में नवंबर माह में डीजीपी की ओर से किया गया ई-संवाद भी हिट रहा। पिछले साल यूपी पुलिस की ट्विटर सेवा को फिक्की के Award for best practices in smart policing 2017 से नवाजा गया। इस सेवा के लिए यूपी पुलिस को पुलिस एक्सीलेंस अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार भी मिले हैं।

