उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के नए सीएम
महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पुनः मुख्यमंत्री पद पर 81 घंटे तक बने रहने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले एनसीपी से दल बदलकर बीजेपी में आए अजीत पवार ने वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। राजनीति की दुनिया में एक के बाद एक तेजी से बदलते घटनाक्रम के कारण महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फडणवीस को बुधवार शाम तक 5:00 बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा था लेकिन शक्ति परीक्षण से एक दिन पहले ही उन्होंने त्यागपत्र दे दिया। राजनीति की दुनिया में आए इतने बड़े उलटफेर के बाद मनोनीत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि ” इस सरकार में मुझे मेरी तेरी नहीं करनी है। यह हम सबकी अपनी सरकार है। आम जनता की सरकार है। शरद पवार के अनुभव और आशीर्वाद से मुझे राज्य कोअच्छी सरकार देने की उम्मीद है। मैं जल्दी ही बड़े भाई (नरेंद्र मोदी) से दिल्ली मिलने जाऊंगा।”
जरूर पढ़ें- महाराष्ट्र सरकार निर्माण के बारे में केवल रामदास अठावले को ही पता था !
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “भाजपा ने नतीजे आने के बाद ही तय कर लिया था कि वह बहुमत साबित करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त नहीं करेगी। शिवसेना ने हताश होकर भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए अपना हिंदुत्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चरणों में समर्पित कर दिया है।”

आपको बता दें कि ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इतना बड़ा उलटफेर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास बहुमत है कि नहीं है पता लगाने के लिए जल्दी से जल्दी बहुमत परीक्षण करना जरूरी है। साथ ही अदालत ने बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया तय करते हुए कहा कि तत्काल प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाए। अदालत की ओर से निर्देश जारी किए गए कि सभी निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने का काम बुधवार की शाम 5:00 बजे तक पूरा कर लिया जाए। जिसके बाद पति वशीकरण परीक्षण कराएंगे बहुमत परीक्षण गुप्त मतदान से नहीं होगा और इसका सीधा प्रसारण होगा।

