सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने जताई अपने हत्या की आशंका
आज से लगभग एक दशक पहले रैगिंग हमारे देश के विश्वविद्यालयों की एक बहुत विकट समस्या के रूप में सामने आया था। मगर अब सरकार की जागरूकता के कारण रैगिंग पर कई तरह के कानून बन गए हैं। जिसकी वजह से नव प्रवेशी छात्र छात्राओं को काफी राहत मिली है। मगर अभी भी कुछ इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जहां पर रैगिंग का खेल अभी भी चलता है।
उत्तर प्रदेश के सैफई के इटावा में स्थित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में इस समय कथित रैगिंग का मामला चल रहा है। जिसको लेकर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति राजकुमार ने अपनी हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि सैफई के माफियाओं में उनको मारने की सुपारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शूटरों को दी है। जिस को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति को डॉक्टर और ठेकेदार माफियाओं से है डर

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का कहना है कि उनके पास लगातार यूनिवर्सिटी के डॉक्टर और ठेकेदार माफियाओं की तरफ से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। इस तरह की धमकियों को लेकर उन्होंने 6 महीने पहले ही एक एफ आई आर दर्ज कराई थी। मगर अभी उस f.i.r. की जांच भी चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि माफियाओं की तरफ से चाहे जितने फोन और धमकियां आ जाए वह अपने फैसले पर अडिग रहेंगे और यूनिवर्सिटी में चल रही रैगिंग को पूरी तरह से साफ करके ही दम लेंगे।
बदलाव करने में जुटे हुए हैं वाइस चांसलर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रोफेसर राजकुमार जून 2018 में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के पद पर नियुक्त हुए थे। तब से लेकर वह लगातार विश्वविद्यालय के अंदर बदलाव करने के लिए प्रयासरत हैं। मगर वहां पर वर्षों से जमे हुए लोगों को यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है। इसलिए वह तरह तरह की कोशिशें कर उनको रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
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