शीला दीक्षित ने राहुल गांधी से इस्तीफा न देने और हौसला बनाए रखने के लिए की यह अपील
लोकसभा चुनाव में हार के बाद तो जैसे कांग्रेस पार्टी अंदर से टूट गई हो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय एक ही जिद पर अड़े हुए हैं और वह है कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना। ऐसे में कांग्रेस के कई बड़े नेता 28 मई को राहुल गांधी को इस्तीफा देने से रोकने के लिए उनके आवास पर मिलने पहुंचे। मगर राहुल गांधी ने उनमें से कई नेताओं को समय ही नहीं दिया। दरअसल लोकसभा चुनाव के परिणाम के दिन ही राहुल गांधी ने यह संकेत दे दिया था कि अब वह कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के रूप में नहीं बने रहना चाहते। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। मगर वर्किंग कमेटी के सदस्यों ने इस्तीफे को नामंजूर कर दिया था। मगर अभी राहुल गांधी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
शीला दीक्षित ने राहुल गांधी से की यह अपील
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित ने भी कांग्रेस के अन्य सीनियर नेताओं की तरह राहुल गांधी से यह अपील की है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। पार्टी अभी इतनी मजबूत नहीं है कि वह राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे को सहन कर पाए। शीला दीक्षित ने राहुल गांधी को हौसला बनाए रखने को कहा है। डीएमके चीफ स्टालिन ने भी राहुल गांधी को इस्तीफा न देने को कहा है। उन्होंने कहा कि एक लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष का होना बहुत आवश्यक है। राहुल गांधी का कांग्रेस पार्टी के लिए होना बहुत आवश्यक है।
कई शीर्ष नेताओं ने की राहुल गांधी से मुलाकात
28 मई को कांग्रेस के कई बड़े सीनियर नेता राहुल गांधी को मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। मगर उनमें से कई नेताओं से राहुल गांधी मिले ही नहीं। राहुल गांधी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री सचिन पायलट केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात की। राहुल ने स्पष्ट कर दिया कि अब वह कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कई लोग अभी राहुल गांधी को मनाने में लगे हुए हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



