जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था
सदियों से चली आ रही भारत के परंपरा की और संस्कृत की पहचान अमरनाथ यात्रा इस वर्ष भी प्रारंभ हो चुकी है। रविवार को अमरनाथ यात्रा का पहला यात्रा जम्मू कश्मीर बेस कैंप से जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अमरनाथ यात्रियों में जमकर उत्साह देखने को मिला और उन्होंने बम भोले के नारे के साथ अमरनाथ यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ाए। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि आतंकवादी इस धार्मिक यात्रा पर किसी भी प्रकार का विघ्न ना डाल सकें।
किए गए हैं सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस वर्ष 1 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। अमरनाथ यात्रियों भी उत्साह से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सेना और भगवान भोलेनाथ पर पूरा भरोसा है कुछ दिनों पहले ही भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान बाबा बर्फानी के दर्शन कर सुरक्षा स्थितियों का जायजा लिया था। इसके पहले 9 जून को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी हवाई सर्वेक्षण के द्वारा अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा स्थितियों का जायजा ले चुके हैं।
श्रद्धालुओं का विवरण
अमरनाथ यात्रा के लिए जो जत्था बालटाल से रवाना हुआ उसमें यात्रियों की कुल संख्या 1051 है। इसमें 793 पुरुष, 203 महिलाएं, 10 बच्चे, 44 पुरुष साधु और एक महिला साधु हैं। इसके अलावा एक जत्था पहलगाम से भी अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में यात्रियों की कुल संख्या 1183 है। इनमें 1043 पुरुष ,130 महिलाएं और 44 बच्चे शामिल हैं। इस जत्थे में ना तो कोई पुरुष साधु है और ना ही कोई महिला साधु। इस वर्ष हमारे सुरक्षा बलों ने कुल 122 आतंकियों को ढेर किया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद सुरक्षाबलों ने कुछ ही दिनों में 22 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



