श्रीराम के नारे सुनकर फिर से भड़की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के प्रभुत्व वाले पश्चिम बंगाल में 18 सीट पाकर ममता बनर्जी के किले को भेद दिया। लोकसभा चुनाव के प्रत्येक चरण में पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक घटना देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके नेताओं की हत्या का आरोप भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा। बीजेपी की तरफ से यह अक्सर कहा गया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को ममता बनर्जी का संरक्षण प्राप्त हो रहा है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल में 18 सीटें जीत जाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। ममता बनर्जी के सामने श्री राम का नारा लगाए जाने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा।
श्री राम का नारा सुनकर भड़की ममता बनर्जी
लोकसभा चुनाव के दौरान जय श्री राम का नारा लगाने पर ममता बनर्जी ने अपना काफिला रोक दिया था। अब चुनाव हो जाने के बाद भी एक बार फिर से ममता दीदी ने जय श्री राम का नारा लगाने वालों पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि जय श्री राम का नारा लगाने वाले लोग बाहरी हैं यह पश्चिम बंगाल के लोग नहीं हैं। यह बीजेपी के कार्यकर्ता और अपराधी लोग हैं जो पश्चिम बंगाल में आकर जय श्री राम का नारा लगाते हैं। ममता दीदी ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही उनका कहना है कि इस तरह के नारे लगाकर यह लोग उनको गाली दे रहे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से किया था इंकार
दूसरी बार होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निमंत्रण भेजा गया था। मगर ममता बनर्जी ने यह कहकर शपथ ग्रहण समारोह में आने से इंकार कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी इस कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने में लगी हुई है। जब शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के कई दिग्गज नेता आए थे। ऐसे में ममता बनर्जी का राजनीतिक कारण से इसका बहिष्कार करना यह दिखाता है कि वह बौखला गई हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



