मुस्लिम होने के कारण खाना ना लेने पर जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय ने कही यह बात
हमारे देश में दिन-प्रतिदिन धर्म के बीच की खाई बढ़ती चली जा रही है। कहने को तो भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है मगर यहां पर धर्म के नाम पर आए दिन ऐसी अनेक घटनाएं सामने आती रहती हैं। जिससे इस देश की एकता पर ही प्रश्न खड़ा हो जाता है। कभी धर्म के नाम पर भीड़ द्वारा हिंदुओं को मारा जाता है तो कभी भीड़ द्वारा मुसलमानों को। बुधवार को देश भर में एक घटना सोशल मीडिया पर छाई रही।
यह घटना कुछ इस प्रकार थी। दरअसल अमित शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने जोमैटो एप से खाना आर्डर किया था। मगर खाना पहुंचाने वाला जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय एक मुसलमान था। इस कारण उसने खाना लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा। अब इस पर खाना पहुंचाने वाले उस लड़के ने अपनी बात कही है।
खाना पहुंचाने वाले ने कही यह बात
दरअसल जोमैटो कंपनी में खाना पहुंचाने वाले ब्वॉय के तौर पर काम करने वाले फैयाज के साथ यह घटना घटी। रोज की तरह खाना ऑर्डर किया गया। पहुंचाने के लिए वह पते पर पहुंचे मगर ऑर्डर करने वाले ने यह कहकर खाना कैंसिल कर दिया कि खाना पहुंचाने वाला एक नॉन हिंदू व्यक्ति है।
कुछ ही देर बाद कंपनी के अधिकारी और ऑर्डर करने वाला पंडित अमित शुक्ला आरोप-प्रत्यारोप के दौर पर ट्विटर में एक-दूसरे के आमने-सामने थे। इस घटना के बाद पूरे देश में खाना कैंसिल करने वाले पंडित अमित शुक्ला की खूब आलोचना हुई। वहीं जोमैटो डिलीवरी ब्वॉय फैयाज का कहना है कि हम गरीब लोग हैं। मुझे इस बात का दुख है। मगर हम क्या कर सकते हैं हमारे साथ ऐसा होता रहता है।
जोमैटो ने दिया शानदार जवाब
पंडित अमित शुक्ला के खाना कैंसिल करने के बाद अपना पैसा रिफंड मांगने के बाद जोमैटो कंपनी ने ट्वीट करते हुए एक शानदार जवाब दिया। जोमैटो ने ट्वीट करते हुए लिखा कि खाने का कोई धर्म नहीं होता बल्कि खाना खुद ही एक धर्म है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



