आज है अमावस्या तिथि, हिंदू धर्म में है विशेष महत्व, जानियें कैसे
हिन्दू धर्म की बात करें तो अमावस्या तिथि को विशेष महत्व माना जाता है। जो कि आज है। क्यों कि आपको जानकारी के लिए बता दें कि हर महीने में अमावस्या तिथि आती है और हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह मार्गशीर्ष माह चल रहा है। आपको बता दें कि इसी को अगहन मास भी कहा जाता है और मार्गशीर्ष अमावस्या 23 नवंबर, बुधवार को मनाई जाने वाली है। जो एक तरह से अच्छी होती है। जो आज पूरे देश में मनाई जाएगी।
पुण्य की होती है प्राप्ति
ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्नान दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी के साथ ही पितृ दोष की मुक्ति के लिए इस दिन तर्पण किया जाता है। क्योंकि इस दिन पितरों को सीधा भी निकाला जाता है। आपको बता दें कि इस बार तो मार्गशीर्ष अमावस्या पर तीन शुभ योग बन रहे हैं। जी हाँ और इन तीन शुभ योगों में सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और शोभन योग शामिल हैं। आपको बता दें कि इन योग में अमावस्या तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
यह है तिथि का समय
- अमावस्या तिथि प्रारंभ – 23 नवंबर, 2022 बुधवार, सुबह 06:53 बजे से
- अमावस्या तिथि समाप्त – 24 नवंबर। 2022 गुरुवार, प्रात: 04:26 बजे तक
इस समय रहेगी मार्गशीर्ष पर
- शोभन योग – 22 नवंबर को शाम 06 बजकर 38 मिनट से 23 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक
- अतिगंड योग – 23 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 40 मिनट से 23 नवंबर को रात 09 बजकर 37 मिनट तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग – 23 नवंबर को रात 09 बजकर 37 मिनट से 24 नवंबर गुरुवार को प्रात: 06 बजकर 51 तक
व्रत का करें संकल्प
बता दें कि इस दिन सुबह नदी, तालाब, या नल पर स्नान करें और फिर व्रत का संकल्प करें। इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे में फूल और अक्षत लेकर अर्घ्य देना चाहिए। अब पितरों को जल चढ़ाना चाहिए और पितरों के निमित्त तर्पण करें। इसके बाद गरीबों और ब्राह्मणों को यथाशक्ति दान दें, और भोजन कराएं। जिसका जीवन में अलग लाभ मिलता है।

