15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंडल को फारुख और उमर अब्दुल्ला से मिलने की इजाजत
जम्मू कश्मीर अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35a की समाप्ति के बाद वहां के हालात पर केंद्र सरकार का नियंत्रण है। पहले ही किसी भी तरह की आतंकवादी घटना या जन विद्रोह के मद्देनजर वहां पर फोन सेवाएं और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई थीं। इसके अलावा अलगाववादी नेताओं के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के स्थानीय नेताओं को भी केंद्र सरकार ने नजरबंद कर लिया था। इनमें महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी शामिल थे। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को फारुख…
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