सूर्य भगवान को जल चढ़ातें समय कर ले ये काम, जल्द पूरी होगी मनोकामना, जानियें
सूर्य भगवान को वेदों में जगत की आत्मा कहा गया है। समस्त चराचर जगत की आत्मा सूर्य ही है। सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन चल रहा है, यह आज एक सर्वमान्य सत्य है। वैदिक काल में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ता धर्ता मानते है। सूर्य का शब्दार्थ है सर्व प्रेरक यह सर्व प्रकाशक, सर्व प्रवर्तक होने से सर्व कल्याणकारी है। ऋग्वेद के देवताओं कें सूर्य का महत्वपूर्ण स्थान है। यजुर्वेद ने “चक्षो सूर्यो जायत” कह कर सूर्य को भगवान का नेत्र माना है। छान्दोग्यपनिषद में…
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