ज़िंदगी के बहुत करीब है ‘जावेद अख्तर’ की ये नज़्म
दोस्तों,जावेद अख्तर| भारतीय साहित्य का वो नाम, जो हर मुद्दे पर अपनी राय बेबाकी से रखता है| चाहे वो नज़्म हो, फ़िल्मी गीत हो या राजनीति| उनकी नज़्मे और उनके लिखे हुए गाने ज़िंदगी के बहुत करीब होते है| जिसमे समाज के हर वर्ग के लोग अपनी कहानी ढूंढ सकते है| इसिलए फिल्म “कभी-कभी” से लेकर फिल्म “गली बॉय” तक उनके लिखे गाने हर वर्ग को पसंद आतें है| तो आज,हम आपके सामने जो पेश करने जा रहा है, वो जावेद साहब की एक मशहूर नज़्म है| मेरे मुखालिफ़ ने…
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