फिल्म पीएम मोदी पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा बताएं किस चीज की है आपत्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर बन रही उनकी बायोपिक फिल्म पीएम मोदी पर विवाद के नए-नए किस्से सामने आ रहे हैं। पहले फिल्म पर राजनीतिक पार्टियों ने एतराज जताया था और चुनाव आयोग से शिकायत की थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने 30 मार्च तक फिल्म के निर्माताओं को जवाब देने को कहा था। चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिलने के बाद अब पीएम मोदी फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट मैं एक याचिका डाली गई थी। जिस पर सुनवाई ना करने की बात कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि याचिकाकर्ता बताएं कि उन्हें फिल्में किस चीज से आपत्ति है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि फिल्म को अभी सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र मिलना बाकी है और वह इस मामले पर कल सुनवाई करेगा यदि याचिकाकर्ता इस बात का प्रमाण लाकर दे दें कि उन्हें फिल्म में किस चीज की आपत्ति है। यह बात न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की संयुक्त पीठ ने कही।
कांग्रेस के एक कार्यकर्ता द्वारा फिल्म की एक प्रति उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध करने के बाद पीठ ने कहा कि वह किसी की फिल्म की प्रति उपलब्ध कराने का आदेश क्यों दे। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ से फिल्म की एक प्रति की मांग की थी। वकील ने यह भी कहा कि फिल्म के निर्माता ने फिल्म को 11 अप्रैल को रिलीज करने की बात कही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हो सकता है उन्होंने सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद के बाद फिल्म को 11 अप्रैल को रिलीज करने की बात कही हो। अभी तक फिल्म को सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र नहीं मिला है।
निर्माताओं की माने तो यह फिल्म आगामी 11 अप्रैल को रिलीज होने वाली है और उसी दिन देश की 17वीं लोकसभा के लिए पहले चरण का चुनाव भी है। भारत के साथ साथ या फिर में 38 अन्य देशों में भी रिलीज की जाएगी। फिल्म को लेकर विपक्षी पार्टियां पहले ही आपत्ति दर्ज करा चुकी हैं। मगर फिल्म को चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिल चुकी है।

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