प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात, कही ये बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की मासिक प्रसारण में कहा, “भारत की जैव विविधता पूरी मानव जाति के लिए एक अद्वितीय खजाना है।” उन्होंने अपनी बात के दौरान तमिल की प्रसिद्ध कवित्री अव्वयार की कविता पढ़ी। जिस का हिंदी में अर्थ है “हम जो जानते हैं वह सिर्फ मुट्ठी भर रेत है। जो हम नहीं जानते, वह अपने आप में एक ब्रह्मांड की तरह है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कविता को देश की जैव विविधता से जोड़ते हुए कहा कि भारत की जैव विविधता उस ब्रह्मांड के समान है जिसे जितना ही जाने उतना ही कम है।
जरूर देखें अहमदाबाद में डोनाल्ड ट्रंप के आगमन की तैयारियां जोरों पर
उन्होंने गांधीनगर, गुजरात में जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर हाल ही में संपन्न सम्मेलन के विषय में चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत अगले तीन वर्षों के लिए प्रवासी पक्षियों पर सीओपी(COP) कन्वेंशन की अध्यक्षता करेगा।
उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा रॉकेट और उपग्रहों के प्रक्षेपण को देखने के लिए श्रीहरिकोटा में शुरू की गई नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को हिस्सा लेने के लिए स्कूलों और अभिभावकों को प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने इसरो के युविका कार्यक्रम में दाखिला लेने के लिए छात्रों को प्रेरित किया।
उन्होंने दिल्ली में हुनर हाट की अपनी आश्चर्यजनक यात्रा का भी उल्लेख किया और दूसरों से भी इस तरह के आयोजन में भाग लेने प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में मेघालय की नई प्रजातियों की मछलियों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि गुफाओं की सतह के नीचे पाई जाने वाली जलीय प्रजातियों में सबसे बड़ी मछली मानी जाती है, यह अंधी है और गहरी अंधेरी भूमिगत गुफाओं में रहती है। “यह खुशी की बात है कि हमारा भारत और विशेष रूप से मेघालय एक दुर्लभ प्रजाति का घर है।


