नादिया ने रेप पीड़ितों को समर्पित किया नोबेल पुरस्कार

नादिया मुराद जो कि एक ही एचडी महीना है उनको शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है नादिया मुराद आतंकवादियों के चंगुल से किसी तरह से जान बचाकर भागी थी यह आतंकवादियों द्वारा व्यभिचार की शिकार हुई थी ।
नादिया मुराद ने कहा कि इस वह इस  सम्मान से अभिभूत हैं और उन्होंने कहा कि यह अवॉर्ड यजीदी , कुर्द , इराकी एवं अन्य पीड़ित अल्पसंख्यकों तथा दुनिया भर में जितने भी यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिलाएं हैं यह पुरस्कार व उनको समर्पित करना चाहेंगी। बता दें कि नादिया को यह पुरस्कार यौन हिंसा के खिलाफ प्रभावी मुहिम चलाने के लिए और महिला अधिकारों के मामले में उत्कृष्ट कार्य करने की वजह से दिया गया है ।
नादिया मुराद ने कहा कि यजीदी लोग इस नोबेल पुरस्कार को देखकर अपने परिवार के लोगों को याद करेंगे जिन्हें उन्होंने हमेशा के लिए खो दिया है । उन्होंने कहा है कि आतंकवाद और जुल्म से सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित हुई है।
महिलाएं यौन उत्पीड़न का शिकार होती रही है और हो भी भी रही है। नादिया ने डीआर कांगो के डॉक्टर डेनिस मुकवेगे  को भी बधाई दिया  जो उनके साथ संयुक्त रूप से इस पुरस्कार के लिए चुने गए हैं ।
उन्होंने नोबेल पुरस्कार के कमेटी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जैसे ही नोबेल कमेटी ने मुझे सूचित किया कि 2018 नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है।
मैं उनके समर्थन की वजह से खुद को और यजीदी परिवार को सम्मानित महसूस कर रही हूं । यह पुरस्कार यह यजीदी ,  इराकी ,  कुर्द एवं अन्य पीड़ित अल्पसंख्यक को तथा दुनिया भर में यौन उत्पीड़न के शिकार हुए अनगिनत लोगों के लिए समर्पित है ।
गौरतलब है कि रेप पीड़िता नादिया मुराद को आईएस के लड़ाकों ने सेक्स स्लेव बनाया था।  वह वहाँ से किसी तरह से जान बचाकर निकलने के बाद से वह इस वक्त पूरी दुनिया में महिलाओं को यौन हिंसा के खिलाफ जागरूक करने का काम कर रही हैं और वही डॉक्टर मुकवेगे पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और वह यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं।

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